बीरबल की बुद्धिमानी

बीरबल की बुद्धिमानी- Birbal’s Wisdom Story in Hindi

बीरबल की बुद्धिमानी : बादशाह अकबर अक्सर बीरबल से अजीबी-गरीब सवाल पूछकर उनकी बुद्धिमत्ता की परीक्षा लेते रहते थे।

बीरबल की बुद्धिमानी- Birbal’s Wisdom Story in Hindi

एक बार वे बीरबल के साथ महल के बगीचे में घूमने निकले। तभी उन्हें बीरबल की की होशियारी का इम्तिहान लेने की सूझी। उन्होंने जमीन पर एक रेखा खींच दी और बीरबल से कहा, ‘इस रेखा को बिना मिटाए या काटे छोटा कर दी तो जानें। वरना हम तुमको बीरबल क्यों मानें?” बीरबल ने तुरंत उस रेखा के बगल में उससे भी लम्बी रेखा खींच दी, जिससे बादशाह द्वारा खींची गई रेखा अपने आप छोटी हो गई। बीरबल की होशियारी देखकर बादशाह हैरान रह गए। लेकिन इस बार वे सवालों का तरकश साथ लेकर आए थे।

‘वह क्या है जिसे सूरज नहीं देख सकता?’ बादशाह ने दूसरा सवाल दागा। ‘अंधेरा, हुजूर!” बीरबल ने तुरंत जवाब दिया। जवाब आने में एक पल का समय भी नहीं लगा था।

‘सच और झूठ में क्या अंतर है?’ बादशाह का अगला सवाल था।

‘उतना ही अंतर है, जितना देखने और सुनने में है। आदमी जो सुनता है, वह झूठ भी हो सकता है, लेकिन देखी हुई बात सच ही होती है।” बीरबल बोले।

बीरबल के जवाब सुनकर बादशाह बहुत खुश हुए और उन्होंने बीरबल की होशियारी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें उपहारस्वरूप एक नौलखा हार दिया।

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