10 Differences Between Businessman and Entrepreneur

10 differences between businessman and entrepreneur

10 Differences Between a Businessman and an Entrepreneur : आज के इस पोस्ट के माध्यम से आईये देखते हैं एक businessman क्या होता है और एक entrepreneur किसे कहते हैं तथा एक businessman और एक entrepreneur में क्या अंतर है

10 Differences Between Businessman and Entrepreneur

आज के इस बाज़ारवाद के युग ने व्यवसाय के तरीकों को काफी बदल के रख दिया है। आज के दौर में व्यवसाय से अलग entrepreneurship का उदय हो चूका है जो कई मामले में व्यवसायी या बिजिनेसमैन से अलग होता है। जहाँ एक businessman अपने business को बाजार को देखते हुए, बाजार के अनुभवों और लोगों के ट्रेंड को देखते हुए शुरू करता है वहीं एक entrepreneur या उद्यमी एकदम नए आईडिया के साथ अपने उद्यम या entrepreneur को लांच करता है। इस प्रकार एक व्यवसायी या businessman एक entrepreneur से अलग होता है। दोनों के कांसेप्ट और लक्ष्यों में भी फर्क होता है।

एक businessman क्या होता है (What is a businessman)

वाणिज्यिक और औद्योगिक उद्द्येश्यों को पूरा करने के लिए की गई गतिविधियों को व्यापार या बिजिनेस कहते हैं और इसे करने वाले व्यक्ति को बिजिनेसमैन या व्यापारी कहते हैं। एक बिजिनेसमैन बाज़ार में मौजूद अवसरों को देखते हुए अपना बिजिनेस शुरू करता है जिसमे उसका मुख्य उद्द्येश्य मुनाफा कमाना होता है। अतः एक बिजिनेसमैन उसी धंधे में अपना हाथ लगाता है जिसकी बाजार में खूब मांग हो और जहाँ उसे एक अच्छे मुनाफे की उम्मीद हो।

Definition of business

इस प्रकार एक व्यवसाय या बिजिनेस को परिभाषित करते हुए कहा जा सकता है कि आर्थिक गतिविधियां जिसका उद्द्येश्य राजस्व अर्जित करना होता हो, का वित्तीय और बौद्धिक संसाधनों को नियोजित करके संचालन करना एक व्यवसाय कहा जाता है और इन गतिविधियों को संचालित करने वाले व्यक्ति को बिजिनेसमैन या व्यवसायी कहा जाता है। आर्थिक गतिविधियों के संचालन के लिए एक व्यवसायी का मुख्य उद्देश्य मानव, वित्तीय और बौद्धिक संसाधनों को नियोजित करके राजस्व उत्पन्न करना है। इसके आधार पर, व्यवसायी द्वारा ग्राहकों को व्यवसाय का राजा माना जाता है।

एक व्यवसाय परंपरागत आइडियाज और अनुभवों पर आधारित होता है। अतः इसमें कुछ नया नहीं होता है। इसी वजह से किसी व्यवसाय में कई प्रतिद्वंदी होते हैं और एक बिजिनेस मैन को काफी प्रतियोगिता का सामना करना पड़ता है किन्तु एक व्यवसाय में रिस्क अपेक्षाकृत काफी कम होता है। रिस्क कम होने की वजह यह होती है कि व्यवसाय आजमाये हुए और परखे हुए आइडियाज पर आधारित होते हैं।

एक Entrepreneur किसे कहते हैं (What is an entrepreneur)

आंत्रप्रेन्योर या इंटरप्रेन्योर (entrepreneur) व्यवसाय का ही एक रूप है किन्तु यह कई मायनों में व्यवसाय से अलग होता है। आंत्रप्रेन्योर या उद्यमी की सबसे ख़ास बात उसके पास एक यूनिक आईडिया का होना होता है जिसे वह यथार्थ के धरातल पर लाता है। इस प्रकार एक आंत्रप्रेन्योर बहुत बड़े रिस्क और अनिश्चितता को स्वीकार करने का साहस करता है। आंत्रप्रेन्योर या उद्द्यमी द्वारा स्थापित उद्यम को स्टार्टअप कंपनी कहा जाता है। एक स्टार्टअप कंपनी एकदम नए आईडिया या एकदम नए बिजिनेस प्रोसेस के साथ शुरू होती है। इस प्रकार एक आंत्रप्रेन्योर या उद्यमी बाजार का लीडर या अगुआ होता है और वह कोई प्रतिद्वंदी न होने की वजह से बाजार पर हावी हो जाता है। हालाँकि उसके स्टार्टअप की सफलता को देखते हुए बहुत सारी अन्य प्रतिभागी कंपनियां भी बाद में आ जाती हैं किन्तु तब तक वह आंत्रप्रेन्योर काफी आगे निकल जाता है।

Entrepreneur शब्द की उत्पत्ति या इतिहास

आंत्रप्रेन्योर या उद्यमी शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच भाषा के entrepreneuse शब्द से हुई मानी जाती है और इस शब्द की उत्पत्ति का श्रेय जीन बप्तिस्ते को जाता है जहाँ आंत्रप्रेन्योर या उद्यमी को आमतौर पर एक उपक्रम या जोखिम उठाने वाले के रूप में लिया जाता था।
अर्थशास्त्र में, आंत्रप्रेन्योर या उद्यमी को उत्पादन का सबसे महत्वपूर्ण कारक माना जाता है, जो उत्पादन के अन्य तीन कारकों यानी भूमि, श्रम और पूंजी को इकट्ठा करता है और जुटाता है। लंबे समय में, ये उद्यमी एक व्यापारी बन जाते हैं।

आंत्रप्रेन्योर अपनी रचनात्मकता और नए विचारों के लिए जाना जाता है। वह संसाधनों के नवप्रयोग और समन्वय के नए तरीकों की खोज करता है जो दुनियां में नए बदलाव लाती हैं। आंत्रप्रेन्योर या उद्यमी बाजार और ग्राहक की जरूरतों को बदल देता है और ग्राहकों को उसकी आवश्यकता महसूस कराता है।

10 Differences Between Businessman and Entrepreneur

1. एक व्यवसायी बाजार में उन्हीं पुराने आइडियाज को लेकर उतरता है जो पहले से खूब आजमाए जा चुके हैं और उनमे मुनाफे की सम्भावना अत्यधिक हो जबकि एक उद्यमी या आंत्रप्रेन्योर एक यूनिक और नए आईडिया के साथ बाजार में उतरता है।

2. एक व्यवसायी अपनी मेहनत और समर्पण की बदौलत बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराता है जबकि एक उद्यमी अपने व्यवसाय के लिए एक बाजार का निर्माण करता है।

3. एक व्यवसायी अपने व्यवसाय में कम रिस्क उठाता है और उसके असफल होने की संभावनाएं काफी कम होती हैं जबकि एक उद्यमी के व्यवसाय में बहुत अधिक रिस्क होता है और उसके असफल होने की संभावना अधिक होती है।

4. एक व्यवसायी को अपने व्यवसाय में अत्यधिक प्रतिद्वंदिता मिलती है वहीँ एक उद्यमी को अपने व्यवसाय में कोई प्रतियोगिता नहीं मिलती है।

5. एक व्यवसायी बाजार के हर पहलु को जानता है और वह बाजार का खिलाडी होता है वहीँ एक उद्यमी बाजार का अगुआ या लीडर होता है और बाजार को अपने अनुसार चलाता है।

6. एक व्यवसायी बाजार में मुनाफा के उद्द्येश्य से व्यवसाय में उतरता है जबकि एक उद्यमी का उद्द्येश्य मुनाफा के साथ साथ कस्टमर, कर्मचारियों और जनता की संतुष्टि होता है।

7. एक व्यवसायी व्यवसाय चलाने के लिए पारंपरिक तरीकों का उपयोग करता है। इसके विपरीत, एक उद्यमी उसी के लिए अपरंपरागत और नए नए तरीके लागू करता है।

8. एक व्यवसायी अपने व्यवसाय के लिए स्वयं फैसले लेता है और उसी पर अमल करता है वहीँ एक उद्यमी अपने उपक्रम के लिए अपनी टीम और सहयोगियों से विचार विमर्श करके फैसले लेता है।

9. एक व्यवसायी अपने व्यवसाय में किसी पर भरोसा नहीं करता है। वह अपने दम पर सफल होना चाहता है वहीँ एक उद्यमी अपनी टीम अपने सहकर्मीयों पर भरोसा करता है उनके परामर्श पर ध्यान देता है और उसपर अमल करता है।

10. एक व्यवसायी लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करता है जबकि एक उद्यमी लोगों को उनकी आवश्यकता को महसूस कराता है और उन्हें संतुष्ट करता है।

उपसंहार 

व्यवसाय या entrepreneur दोनों का लक्ष्य व्यापार होता है जहाँ राजस्व प्राप्ति के लिए प्रयास किये जाते हैं। एक व्यवसायी अपने अनुभवों और बाजार के आज़माये हुए तरीकों को अपनाते हुए धनार्जन करता है वहीँ एक entrepreneur धनार्जन के लिए बाजार और आवश्यकता का निर्माण करता है।

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