संस्कृत लिंग

संस्कृत लिंग

संस्कृत लिंग – संस्कृत में लिंग की पहिचान करना संस्कृत लिंग संस्कृत लिंग: लिंग का अर्थ है-चिह्न। जिनके द्वारा यह पता चले कि अमुक शब्द संज्ञा स्त्री जाति के लिए और अमुक पुरुष जाति के लिए प्रयुक्त हुआ है, उसे लिंग कहते हैं। संस्कृत लिंग के भेद संस्कृत भाषा में प्रत्येक अर्थ बोधक शब्द तीन लिंगों में … Read more

संस्कृत में प्रश्ननिर्माण

संस्कृत में प्रश्ननिर्माण

संस्कृत में प्रश्ननिर्माण / Sanskrit me prashna nirman / संस्कृत प्रश्ननिर्माण / Question formulation in Sanskrit संस्कृत में प्रश्ननिर्माण संस्कृत में प्रश्ननिर्माण : एक सामान्य वाक्य को प्रश्नवाचक वाक्य बनाना ही प्रश्न निर्माण कहलाता है । जिस वाक्य को प्रश्नवाचक वाक्य बनाना जाता है उसके साथ प्रश्नवाचक (?) चिह्न का प्रयोग अवश्य करें । संस्कृत … Read more

Sanskrit varnamala

Sanskrit varnamala

Sanskrit varnamala । संस्कृत वर्णमाला व उच्चारण स्थान । The Sanskrit Alphabet and The pronunciation of letters, संस्कृत वर्णमाला  (The Sanskrit Alphabet) Sanskrit varnamala : संस्कृत भाषा विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है । इसका साहित्य विश्व में प्रसिद्ध है । इस भाषा की वैज्ञानिकता इसकी सबसे बड़ी विशेषता है । आज की पोस्ट में हम … Read more

संस्कृत वर्णमाला

संस्कृत वर्णमाला

संस्कृत वर्णमाला संस्कृत वर्णमाला | Sanskrit Varnamala | Sanskrit Alphabet संस्कृत वर्णमाला संस्कृत वर्णमाला में 50 वर्ण होते हैं, जिसमें की 13 स्वर वर्ण 33 व्यंजन वर्ण और 4 अयोगवाह वर्ण। स्वर हो अच् और व्यंजन को हल कहते हैं। अच् -13 हल – 33 अयोगवाह – 4 14 स्वर वर्ण सिर्फ पांच शुद्ध स्वर वर्ण … Read more

नीति श्लोक अर्थ सहित

नीति श्लोक अर्थ सहित

नीति श्लोक अर्थ सहित – नीति श्लोक संस्कृत में – Neeti shloka Artha Sahit in Hindi – Niti Shlok Meaning नीति श्लोक अर्थ सहित : आज के समय में हर कोई उचित समय और उचित स्थान पर उचित कार्य करने की कला प्राप्त करना चाहता हैं। इस कला को नीति कहते हैं। यदि आपके पास … Read more

Mitra ko Aamantran Patra in Sanskrit

Birthday Invitation Letter to Friend in Sanskrit

Mitra ko Aamantran Patra in Sanskrit Birthday Invitation Letter to Friend in Sanskrit प्रिय! अभ्यर्थियों आज के इस आर्टिकल में हम आपके साथ, अपने मित्र या सहेली को अपने जन्म दिवस के अवसर पर पत्र संस्कृत भाषा में शेयर करने जा रहे हैं जो कि परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है हमारे सामने बहुत ही सरलतम … Read more

दीवाली पर संस्कृत निबंध

दीवाली पर संस्कृत निबंध | Essay on Diwali in Sanskrit

दीवाली पर संस्कृत निबंध | Essay on Diwali in Sanskrit दीवाली पर संस्कृत निबंध | Essay on Diwali in Sanskrit दीपावली पर संस्कृत में पांच वाक्य (Deepavali Sanskrit Mein) दीपावलिः एकः धार्मिकः उत्सवः अस्ति। अयम् उत्सवः कार्तिकमासास्य अमावस्यायां भवति। सर्वे लक्ष्मीपूजनं कुर्वन्ति। प्रतिगृहं पुरत: आकाशदीप: प्रज्वाल्यते। मिष्ठान्नानि च खादन्ति बालकाः स्फोटकानि स्फोटयन्ति पराना: च भवन्ति। … Read more

Satsangati Essay In Sanskrit

Satsangati Essay In Sanskrit

Satsangati Essay In Sanskrit सत्संगतिः निबंध संस्कृत में Satsangati Essay In Sanskrit सत्संगतिः निबंध संस्कृत में Satsangati Essay In Sanskrit सत्संगतिः निबंध संस्कृत में सज्जनानां संगतिः सत्सङ्गतिः कथ्यते। मानवः एकः सामाजिक प्राणी अस्ति, अनेनैव सः एकलः स्थातुं न शक्यते । सत्यं तु एतत् संसारे नैव कोऽपि प्राणी संसर्गेण विना भवितुं स्थातुं वा न शक्यते । … Read more

Essay on Bhagwat Gita in Sanskrit

Essay on Bhagwat Gita in Sanskrit

Essay on My Favorite Book Bhagavad Gita in Sanskrit Essay on Bhagwat Gita in Sanskrit:  नमस्कार! दोस्तों इस आर्टिकल में आज हम आपके लिए श्रीमद्भागवत गीता का निबंध संस्कृत भाषा (Essay on My Favorite Book Bhagavad Gita) में लेकर आए हैं । जो कि परीक्षा में पूछा जा सकता है । इसे हमने बहुत ही … Read more

जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी निबंध हिंदी

जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी निबंध हिंदी

sanskrit essay on janmabhoomi in hindi जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी निबंध हिंदी sanskrit essay on janmabhoomi in hindi जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी निबंध हिंदी संसारेऽस्मिन् जननी अस्मभ्यं यानि यानि सुखानि प्रयच्छति, जन्मभूमिश्च तथैव सौविध्यानि ददाति । जन्मदात्री माता जन्मभूमिश्च स्वर्गाद् अपि श्रेष्ठा वरिष्ठा च वर्तते । माता कुमाता कदापि न भवति । सा जन्मन प्रभृति … Read more

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