रीतिवाचक क्रिया विशेषण

रीतिवाचक क्रिया विशेषण : परिभाषा, प्रकार एवं उदाहरण

रीतिवाचक क्रिया विशेषण की परिभाषा

रीतिवाचक क्रिया विशेषण: ऐसे अविकारी शब्द जो हमें क्रिया के होने के तरीके या विधि के बारे में बताते हैं, वे शब्द रीतिवाचक क्रियाविशेषण कहलाते हैं।

जैसे: खरगोश तेज़ दौड़ता है। इस वाक्य में दौड़ना क्रिया है एवं तेज़ शब्द से हमें दौड़ने कि रफ़्तार अथवा विधि पता चल रही है। अतः जो भी शब्द हमें किसी क्रिया के होने के तरीके का बोध कराते हैं वे शब्द रीतिवाचक क्रियाविशेषण कहलाते हैं।

रीतिवाचक क्रिया विशेषण के उदाहरण

  • अचानक काले बादल घिर आए।

जैसा कि आप ऊपर दिए गए उदाहरण में देख सकते हैं की अचानक शब्द हमें बादलों के घिर आने के तरीके के बारे में बता रहा है। अतः शब्द रीतिवाचक क्रियाविशेषण के अंतर्गत आयेगा।

  • अमित ध्यान पूर्वक पढ़ रहा है।

जैसा कि आप ऊपर दिए गए उदाहरण में देख सकते हैं की ध्यान-पूर्वक  शब्द हमें अमित के पढने के तरीके के बारे में बता रहा है। अतः यह शब्द रीतिवाचक क्रियाविशेषण के अंतर्गत आयेंगे।

  • रमेश धीरे -धीरे चलता है।
  • वह तेज भागता है।

ऊपर दिए गए वाक्यों में जैसा कि आप देख सकते हैं की धीरे-धीरे एवं तेज़ शब्द हमें रमेश के चलने की गति एवं उसके भागने की गति के बारे में बता रहे हैं। अतः ये शब्द रीतिवाचक क्रियाविशेषण के अंतर्गत आयेंगे।

रीतिवाचक क्रियाविशेषण के कुछ अन्य उदाहरण

  • कछुआ धीरे-धीरे चलता है।
  • नेहा कड़ी मेहनत करती है।
  • नई जगह पर धीरे-धीरे चलना चाहिए।
  • वह मेरी ओर मुस्कुरा कर देख रही थी।

रीतिवाचक क्रियाविशेषण के भेद

1 .निश्चयवाचक क्रियाविशेषण : यह क्रियाविशेषण शब्द तब प्रयोग होते हैं जब हमें कोई निश्चय व्यक्त करना होता है।
जैसे : अवश्य , बेशक , सचमुच , वस्तुतः , निसंदेह , सही , जरुर , अलबत्ता , यथार्थ में , दरअसल आदि।

  • मैं अवश्य ही वहां जाऊँगा। 
  • तुम निश्चित ही सफल होगे। 
  • वह निसंदेह सबसे मेहनती बालक है। 
  • तुम बेशक अपनी मंजिल पा सकते हो। 
  • यह सचमुच ही बेहद कठोर है। 

जैसा की आप ऊपर दिए गए उदाहरणों में देख सकते हैं, यहाँ वक्ताओं द्वारा निश्चय व्यक्त किया जा रहा है क्योंकि इन वाक्यों में अवश्य, निसंदेह,एवं बेशक जैसे शब्दों अक प्रयोग किया गया है।

  1. अनिश्चयवाचक क्रियाविशेषण: यह क्रियाविशेषण शब्द तब प्रयोग होते हैं जब हमें क्रिया के होने कि अनिश्चितता होती है। जैसे : शायद , कदाचित , संभवतः , अक्सर , बहुतकर , यथासंभव आदि।
  • मुझे अक्सर विद्यालय जाने में देरी होती है। 
  • मैं शायद आज ही जयपुर आऊंगा। 

ऊपर दिए गए उदाहरण अनिश्यवाचक क्रियाविशेषण के अंतर्गत आयेंगे क्योंकि इनमे संभव, अक्सर आदि शब्दों का प्रयोग किया गया है।

  1. कारणात्मक क्रियाविशेषण :कारणात्मक क्रियाविशेषण तब प्रयोग किये जाते हैं जब हमें किसी क्रिया के होने का कारण व्यक्त करना होता है।जैसे : क्योंकि , अत: , अतएव , इसलिए , चूँकि , किसलिए , क्यों , काहे को आदि।
  • वह असफल हुआ क्योंकि उसने बहुत मेहनत नहीं की। 
  • वह देरी से पहुंचा इसलिए उसे सज़ा मिली।

जैसा की आप ऊपर दिए गए वाक्यों में देख सकते हैं, यहाँ क्योंकि, इसलिए जैसे शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है इस वजह से ये कारणात्मक क्रियाविशेषण के अंतर्गत आयेंगे।

  1. आक्स्मिकतात्म्क क्रियाविशेषण :ये क्रियाविशेषण शब्द हम तब प्रयोग करते हैं जब हमें किसी क्रिया के आकस्मिक होने का बोध कराना होता है।जैसे : सहसा , अकस्मात , अचानक , एकाएक आदि।
  • जैसे ही रमेश को फेल होने की सुचना मिली उसे अचानक ही दिल का दौरा पड गया। 
  • मैं जब सामान खरीद रहा था तब अचानक ही उस दुकान में आग लाग गयी। 

ऊपर दिए वाक्यों में जैसा की आप देख सकते हैं अचानक जैसे शब्दों का प्रयोग हुआ है जिससे किसी घटना केअचानक होने का पता चलता है।

  1. स्वीकारात्मक क्रियाविशेषण :किसी भी क्रिया के होने को स्वीकारने के लिए स्वीकारात्मक क्रियाविशेषण का प्रयोग किया जाता है।जैसे : हाँ , सच , ठीक , बिलकुल , जी , अच्छा आदि।
  2. निषेधात्मक क्रियाविशेषण :यह क्रियाविशेषण शब्द हम किसी क्रिया के होने को नकारने के लिए करते हैं।जैसे : न , मत , नहीं आदि।
  3. आवृत्यात्मक क्रियाविशेषण :किसी भी क्रिया में निरंतरता दिखाने के लिए इस क्रियाविशेषण का प्रयोग किया जाता है।जैसे : गटागट , धडाधड आदि।
  4. अवधारक क्रियाविशेषण : ही , तो , भर , तक , भी , मात्र , सा आदि।
  5. निष्कर्ष क्रियाविशेषण : यह क्रियाविशेषण शब्द निष्कर्ष व्यक्त करते हैं। जैसे : अत: , इसलिए आदि।

रीतिवाचक क्रिया विशेषण से सम्बंधित यदि आपका कोई भी सवाल या सुझाव है, तो आप उसे नीचे कमेंट में लिख सकते हैं।

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