अभिमन्यु का जीवन परिचय

अभिमन्यु का जीवन परिचय

अभिमन्यु का जीवन परिचय अभिमन्यु का जीवन परिचय : अभिमन्यु वीर और साहसी थे। महारथी अर्जुन एवं सुभद्रा का पुत्र अभिमन्यु महाभारत महाकाव्य का अद्भुत पात्र है। भगवान श्री कृष्ण का यह भांजा अर्जुन के समान ही श्रेष्ठ धनुर्धर था। यह वीर्य में धर्मराज युधिष्ठिर के समान, आचार में श्रीकृष्ण के समान, भयंकर कर्म करने वालों में बलशाली भीम के समान, … Read more

Essay on Gallantry Award winner

Essay on Gallantry Award winner

Essay on Gallantry Award winner ,वीरता पुरस्कार विजेता पर निबंध Essay on Gallantry Award winner ,वीरता पुरस्कार विजेता पर निबंध Essay on Gallantry Award winner :  वीरता पुरस्कार विजेता पर निबंध pdf- हैलो दोस्तों आप सभी का स्वागत है हमारे वेबसाइट www.ncerthindi.com मे और आज के इस पोस्ट में आपको वीरता पुरस्कार विजेता  पर निबंध को देखेंगे |हमारे वेबसाइट … Read more

Bhramar Geet Saar Ki Vyakhya

Bhramar Geet Saar Ki Vyakhya

Bhramar Geet Saar Ki Vyakhya | भ्रमरगीत सार की व्याख्या Bhramar Geet Saar Ki Vyakhya – Ramchandra Shukla In Hindi : दोस्तों ! हम सूरदास जी द्वारा रचित और रामचंद्र शुक्ल द्वारा संपादित “भ्रमरगीत सार ” का अध्ययन कर रहे हैं। पिछले नोट्स में हमने इसके शुरूआती 03 पदों का विस्तृत अध्ययन कर लिया था। आज हम इसके … Read more

 Khoob ladi mardani

 Khoob ladi mardani

Rani laxmi bai poem – Khoob ladi mardani vo to lyrics Khoob ladi mardani: Read lyrics of Rani laxmi bai song called Khoob ladi mardani vo to jhansi vali rani thi. खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी के बोल।  Khoob ladi mardani – Rani laxmi bai poem lyrics in Hindi सिंहासन हिल … Read more

रीतिवाचक क्रिया विशेषण

रीतिवाचक क्रिया विशेषण

रीतिवाचक क्रिया विशेषण : परिभाषा, प्रकार एवं उदाहरण रीतिवाचक क्रिया विशेषण की परिभाषा रीतिवाचक क्रिया विशेषण: ऐसे अविकारी शब्द जो हमें क्रिया के होने के तरीके या विधि के बारे में बताते हैं, वे शब्द रीतिवाचक क्रियाविशेषण कहलाते हैं। जैसे: खरगोश तेज़ दौड़ता है। इस वाक्य में दौड़ना क्रिया है एवं तेज़ शब्द से हमें दौड़ने … Read more

जैन दर्शन में ज्ञान मीमांसा

जैन दर्शन में ज्ञान मीमांसा

जैन दर्शन में ज्ञान मीमांसा (Epistemology in Jain Philosophy) जैन दर्शन में ज्ञान मीमांसा : व्यवहार की दृष्टि से ज्ञान का अर्थ जानना, समझना या परिचित होना होता है। प्रत्येक प्राणी अपने इंद्रियों के द्वारा ज्ञान प्राप्त करता है। अध्यात्म की दृष्टि से ज्ञान का अर्थ परमज्ञान है, जिसके द्वारा मनुष्य वस्तु की प्रकृति या … Read more

यूरोप में पुनर्जागरण

यूरोप में पुनर्जागरण

यूरोप में पुनर्जागरण (Renaissance in Europe) यूरोप में पुनर्जागरण: पुनर्जागरण (Renaissance) का शब्दिक अर्थ होता हैः पुनर्जीवित होना, पुनर्जागृत होना इत्यादि। इस रूप में पुनर्जागरण शब्द का अर्थ, महत्व और प्रयोग मध्यकाल से आधुनिक काल के बीच संकक्रमण के दौरान व्यक्त होनेवाला बौद्धिक, कलात्मक, सांस्कृतिक आदि क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। यूरोप में पुनर्जागरण पुनर्जागरण … Read more

भारत में राष्ट्रवाद का उदय

भारत में राष्ट्रवाद का उदय

भारत में राष्ट्रवाद का उदय – एक समीक्षा भारत में राष्ट्रवाद का उदय : 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में भारतीयों में राष्ट्रीय राजनीतिक चेतना का विकास बहुत तीव्र गति से हुआ. फलस्वरूप भारत में एक संगठित राष्ट्रीय आन्दोलन का सूत्रपात हुआ. भारतीय राष्ट्रवाद कुछ सीमा तक उपनिवेशवादी नीतियों तथा उन नीतियों से उत्पन्न भारतीय प्रतिक्रिया … Read more

साक्षरता का महत्व पर निबंध

साक्षरता का महत्व पर निबंध

साक्षरता का महत्व पर निबंध- Saksharata Essay in Hindi साक्षरता का महत्व पर निबंध : In this article, we are providing information Literacy in Hindi- Saksharata Essay in Hindi Language. साक्षरता का महत्व पर निबंध- Essay on Literacy in Hindi. साक्षरता का महत्व पर निबंध- Saksharata Essay in Hindi भूमिका- आज का युग शिक्षा का … Read more

शिक्षा में खेलकूद का महत्व पर निबंध

शिक्षा में खेलकूद का महत्व पर निबंध

शिक्षा में खेलकूद का महत्व पर निबंध | Essay On Importance Of Games In Hindi नमस्कार दोस्तों आपका हार्दिक स्वागत हैं, शिक्षा में खेलकूद का महत्व पर निबंध | Essay On Importance Of Games In Hindi इस निबंध में हम जानेगे कि शिक्षा के क्षेत्र के खेलकूद व्यायाम की आवश्यकता स्वरूप उसका महत्व और भूमिका के बारे में … Read more

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