सारांश
कक्षा 8 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित प्रकाश) का अध्याय 1, "वर्ग और घन", पूर्ण वर्ग और पूर्ण घन संख्याओं की परिभाषा, गुणधर्म, प्रतिरूप और अभाज्य गुणनखंड विधि से वर्गमूल एवं घनमूल ज्ञात करने की विधियाँ सिखाता है।
- वर्ग और घन — परिभाषा तथा उनके मूल — किसी संख्या को स्वयं से गुणा करने पर प्राप्त गुणनफल को वर्ग संख्या (n²) कहते हैं, और तीन बार गुणा करने पर प्राप्त गुणनफल को घन संख्या (n³)। वर्गमूल (√) और घनमूल (∛) इन्हीं संक्रियाओं के व्युत्क्रम हैं।
- अभाज्य गुणनखंड — पहचान की कसौटी — कोई संख्या पूर्ण वर्ग है यदि उसके अभाज्य गुणनखंडों को दो समान समूहों में बाँटा जा सके, और पूर्ण घन है यदि तीन समान समूहों में। यही विचार वर्गमूल और घनमूल निकालने की आधारशिला है।
- प्रतिरूप जो संरचना उजागर करते हैं — 1 से आरंभ होने वाली क्रमागत विषम संख्याओं का योग पूर्ण वर्ग देता है (जैसे 1+3+5+7+9 = 25 = 5²); इकाई अंक और गुणनखंडों की विषम संख्या भी वर्ग संख्याओं की पहचान कराती हैं।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01पूर्ण वर्ग संख्याएँ — 1, 4, 9, 16, 25 — किसी संख्या को स्वयं से गुणा (n²) करने पर प्राप्त होती हैं
- 02सभी पूर्ण वर्ग 0, 1, 4, 5, 6 या 9 पर समाप्त होते हैं; कोई वर्ग 2, 3, 7 या 8 पर नहीं समाप्त होता
- 03जिन संख्याओं के गुणनखंडों की संख्या विषम होती है, वे ही पूर्ण वर्ग होती हैं (जैसे 1, 4, 9, 16, 25)
- 04पूर्ण घन संख्याएँ — 1, 8, 27, 64, 125 — किसी संख्या को तीन बार गुणा (n³) करने पर प्राप्त होती हैं
- 05प्रथम n विषम संख्याओं का योग n² के बराबर होता है (उदाहरण: 1+3+5+7+9 = 25 = 5²)
- 06कोई संख्या पूर्ण वर्ग है यदि उसके अभाज्य गुणनखंड दो समान समूहों में बँटें; पूर्ण घन है यदि तीन समान समूहों में
- 07वर्गमूल (√) और घनमूल (∛) व्युत्क्रम संक्रियाएँ हैं; प्रत्येक पूर्ण वर्ग के दो पूर्णांक वर्गमूल (धनात्मक और ऋणात्मक) होते हैं
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01अध्याय 1 'वर्ग और घन' में क्या सिखाया गया है?
इस अध्याय में पूर्ण वर्ग (जैसे 1, 4, 9, 16, 25) और पूर्ण घन (जैसे 1, 8, 27, 64, 125) की अवधारणाएँ, उनके गुणधर्म, मूल ज्ञात करने की विधियाँ और प्रतिरूप सिखाए गए हैं। अध्याय की शुरुआत 100 लॉकर और 100 व्यक्तियों की पहेली से होती है जो बताती है कि वर्ग संख्याओं के गुणनखंडों की संख्या क्यों विषम होती है।
02कोई संख्या पूर्ण वर्ग है या नहीं, यह कैसे जाँचें?
जाँचें कि संख्या के अभाज्य गुणनखंड दो समान समूहों में बँटते हैं या नहीं। उदाहरण के लिए 36 = 2×2×3×3, इसलिए 36 पूर्ण वर्ग है। इकाई अंक भी संकेत देता है — यदि संख्या 2, 3, 7 या 8 पर समाप्त हो तो वह वर्ग नहीं हो सकती।
03पूर्ण वर्ग संख्याओं के प्रतिरूप क्या हैं?
पूर्ण वर्ग सदैव 0, 1, 4, 5, 6 या 9 पर समाप्त होते हैं। सम संख्या का वर्ग सम और विषम का वर्ग विषम होता है। वर्गों के अंत में शून्यों की संख्या सदैव सम होती है। प्रथम n विषम संख्याओं का योग n² के बराबर होता है।
041936 जैसी बड़ी संख्या का वर्गमूल कैसे ज्ञात करें?
अनुमान लगाएँ: 1936 संख्या 1600 (40²) और 2500 (50²) के बीच है, इसलिए वर्गमूल 40 और 50 के बीच होगा। अंतिम अंक 6 है इसलिए वर्गमूल 4 या 6 पर समाप्त होगा। 45² = 2025 > 1936, इसलिए 40-45 के बीच देखें। 44² = 1936 — अत: वर्गमूल 44 है।
05क्या कक्षा 8 गणित अध्याय 1 की PDF निःशुल्क उपलब्ध है?
हाँ, एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक की PDF निःशुल्क उपलब्ध है। यह एनसीईआरटी की आधिकारिक वेबसाइट तथा ncerthindi.com पर बिना किसी पंजीकरण या भुगतान के देखी जा सकती है।
More chapters in गणित (गणित प्रकाश)
गणित (गणित प्रकाश) — कक्षा 8 गणित की NCERT पाठ्यपुस्तक (2026-27 संस्करण) — का अध्याय 1 ऑनलाइन मुफ़्त पढ़ें: NCERT द्वारा प्रकाशित पूरा अध्याय, हर चित्र, हल किए गए उदाहरण और अभ्यास के साथ, चरण-दर-चरण समाधान, उत्तर और रिवीजन नोट्स के साथ। ऊपर दी गई NCERT PDF खोलें, या सभी NCERT कक्षा 8 पाठ्यपुस्तकें देखें।