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अवलोकन

सारांश

कक्षा 9 हिंदी एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गंगा) का अध्याय 1, "दो बैलों की कथा", प्रेमचंद की यह गद्य कहानी हीरा और मोती नामक दो बैलों के माध्यम से मित्रता, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के लिए अदम्य संघर्ष का मार्मिक चित्रण करती है।

  • स्वतंत्रता का संदेशकहानी परोक्ष रूप से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ती है — यह बताती है कि स्वतंत्रता सहज नहीं मिलती, उसके लिए बार-बार संघर्ष करना पड़ता है। हीरा-मोती का बंधन तोड़कर लौटना इसी संघर्ष का जीवंत प्रतीक है।
  • कैद और मुक्ति की घटनाएँगया के घर अत्याचार सहकर बैल बार-बार भागते हैं, साँड़ से लड़ते हैं और काँजीहाउस में बंद होते हैं। भूख झेलकर मोती दीवार गिरा देता है, जिससे अनेक जानवर मुक्त होते हैं और दोनों झूरी के घर लौट आते हैं।
  • हीरा-मोती की अटूट मित्रतादोनों बैल मूक-भाषा में विचार-विनिमय करते हैं और संकट में साथ निभाते हैं — एक के बंधन में दोनों रुकते हैं तथा एकता से साँड़ को परास्त करते हैं। हीरा सहनशील व धैर्यवान है तो मोती साहसी व आवेगी।
मुख्य बातें

मुख्य बिंदु और सूत्र

  1. 01लेखक: प्रेमचंद (मूल नाम धनपत राय; जन्म 1880, लमही, वाराणसी; प्रमुख उपन्यास — गोदान, गबन, निर्मला, कर्मभूमि; निधन 1936)
  2. 02विधा: गद्य कहानी — गंगा पाठ्यपुस्तक, कक्षा 9 हिंदी, गद्य खंड
  3. 03केंद्रीय भाव: स्वतंत्रता सहज नहीं मिलती, उसके लिए बार-बार संघर्ष करना पड़ता है; हीरा-मोती का संघर्ष स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक है
  4. 04मुख्य पात्र: हीरा (सहनशील, नैतिक, धैर्यवान), मोती (साहसी, आवेगी), झूरी (किसान-मालिक), गया (झूरी का साला, अत्याचारी), भैरो की बेटी (दयालु लड़की जिसने रोटियाँ खिलाईं)
  5. 05मित्रता का महत्त्व: हीरा और मोती की अटूट मित्रता — संकट में साथ रहना, एक के बंधन में दोनों का रुकना, एकता से साँड़ को परास्त करना
  6. 06कठिन शब्दार्थ — काँजीहाउस: वह बाड़ा जहाँ दूसरे का खेत खाने वाले या अनाथ पशु बंद किए जाते और दंड लेकर छोड़े या नीलाम किए जाते हैं; निरापद: आपत्ति से रहित, सुरक्षित
  7. 07कठिन शब्दार्थ — नाँद: पशुओं को चारा-पानी देने का मिट्टी का बड़ा बर्तन; पगहिया: पशु बाँधने की रस्सी; विषाद: उदासी, अवसाद; पराकाष्ठा: अंतिम सीमा, चरम
प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

01

Do Bailon Ki Katha का सारांश क्या है?

झूरी के दो बैल हीरा और मोती को उसके साले गया के घर भेजा गया जहाँ उन पर अत्याचार हुआ — मार पड़ी, सूखा भूसा मिला। वे कई बार भागे, रस्सियाँ तोड़ीं, एक साँड़ को मिलकर परास्त किया और काँजीहाउस में बंद हो गए। वहाँ एक सप्ताह भूखे रहने के बाद हीरा ने दीवार तोड़नी शुरू की, पर पकड़े जाने पर मोती ने दीवार गिरा दी और अनेक पशु मुक्त हुए। अंत में दोनों झूरी के घर लौट आए और उसने उन्हें प्रेम से गले लगाया।

02

Do Bailon Ki Katha के लेखक कौन हैं?

इस कहानी के लेखक प्रेमचंद हैं। उनका मूल नाम धनपत राय था। जन्म 1880 में लमही, वाराणसी में हुआ। गोदान, गबन, निर्मला, कर्मभूमि आदि उनके प्रमुख उपन्यास हैं। 1936 में उनका निधन हुआ।

03

Do Bailon Ki Katha का केंद्रीय भाव क्या है?

कहानी का केंद्रीय भाव है कि स्वतंत्रता सहज नहीं मिलती, उसके लिए बार-बार संघर्ष करना पड़ता है। हीरा और मोती के बार-बार भागने और संघर्ष करने के माध्यम से प्रेमचंद ने परोक्ष रूप से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की भावना को व्यक्त किया है।

04

हीरा और मोती कौन थे और उनमें क्या विशेषताएँ थीं?

हीरा और मोती झूरी के दो बैल थे — पछाइ जाति के, देखने में सुंदर और काम में चौकस। हीरा सहनशील, धैर्यवान और नैतिक था जबकि मोती साहसी और आवेगी। दोनों मूक-भाषा में एक-दूसरे से विचार-विनिमय करते थे और उनमें गहरा भाईचारा था।

05

Do Bailon Ki Katha में भैरो की बेटी की क्या भूमिका है?

भैरो की बेटी एक छोटी लड़की थी जिसकी माँ मर चुकी थी और सौतेली माँ उसे मारती थी। गया के घर में बैलों पर अत्याचार होते देख उसे उनसे आत्मीयता हो गई और वह रोज रात को दोनों को दो रोटियाँ खिलाती थी। अंत में उसी ने रस्सियाँ खोलकर उन्हें भागने का अवसर दिया।

06

Do Bailon Ki Katha को स्वतंत्रता आंदोलन से कैसे जोड़ा जा सकता है?

हीरा और मोती का बार-बार भागना, अत्याचार सहकर भी विद्रोह की भावना बनाए रखना, दीवार तोड़ना और स्वतंत्र होने की अदम्य इच्छा — ये सब भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक हैं। 'जोर तो मारता ही जाऊँगा, चाहे कितने ही बंधन पड़ते जाएँ' जैसे संवाद सीधे स्वतंत्रता सेनानियों के संकल्प को दर्शाते हैं।

07

काँजीहाउस का अर्थ क्या है?

काँजीहाउस वह बाड़ा होता है जिसमें दूसरे का खेत खाने वाले या अनाथ पशु बंद किए जाते हैं। कुछ दंड लेकर उन्हें छोड़ा जाता है या नीलाम किया जाता है। कहानी में हीरा और मोती को मटर का खेत चरने के कारण काँजीहाउस में बंद किया गया था।

08

Do Bailon Ki Katha में मूक-भाषा का क्या अर्थ है?

मूक-भाषा से तात्पर्य हीरा और मोती के बीच बिना शब्दों के होने वाले संवाद से है। दोनों आँखों के इशारे, एक-दूसरे को देखने के ढंग और स्पर्श से एक-दूसरे के मन की बात समझ लेते थे। प्रेमचंद ने इसके माध्यम से पशुओं में भी मनुष्य-जैसी चेतना दिखाई है।

09

Do Bailon Ki Katha में हीरा और मोती की मित्रता का वर्णन कीजिए।

दोनों बैल बहुत दिनों साथ रहते-रहते अभिन्न मित्र बन गए थे। मूक-भाषा में विचार करते, साथ खाते-बैठते। संकट में एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा — काँजीहाउस में मोती ने भागने से इनकार किया क्योंकि हीरा बंधा था। साँड़ से मिलकर लड़े। यह मित्रता कहानी की आत्मा है।

10

निरापद और विषाद का अर्थ क्या है?

निरापद का अर्थ है — आपत्ति से रहित, सुरक्षित, निर्विघ्न। विषाद का अर्थ है — उदासी, अवसाद, मन का उचट जाना। कहानी के आरंभ में गधे के स्वभाव का वर्णन करते हुए दोनों शब्दों का प्रयोग हुआ है।

11

Do Bailon Ki Katha summary in hindi

झूरी के बैल हीरा और मोती को साले गया के घर भेजा गया जहाँ उन पर अत्याचार हुआ। दोनों कई बार भागे, साँड़ से लड़े और काँजीहाउस में बंद हुए। भूखे रहकर हीरा ने दीवार तोड़नी शुरू की, पर पकड़े जाने पर मोती ने दीवार गिराई और अनेक पशु मुक्त हुए। नीलाम होने के बाद भी दोनों दाढ़ियल से भागकर झूरी के घर पहुँच गए। मोती ने दाढ़ियल को भगाया और झूरी ने प्रेम से बैलों को गले लगाया। यह कहानी स्वतंत्रता संघर्ष और मित्रता का प्रतीकात्मक चित्रण है।

12

प्रेमचंद की कहानियों में पशु-पात्रों का क्या महत्त्व है?

प्रेमचंद के कथा साहित्य में मनुष्य ही नहीं, पशु-पक्षियों को भी आत्मीयता मिली है। 'दो बैलों की कथा' में हीरा और मोती को मानवीय संवेदनाएँ, विद्रोह, स्वाभिमान और मित्रता दी गई है, जिससे पशुओं के माध्यम से मानवीय मूल्यों और सामाजिक यथार्थ को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त किया गया है।

13

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