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कक्षा 12 गणित
अध्याय 1: संबंध एवं फलन — समाधान
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अवलोकन
संबंध एवं फलन के NCERT समाधान (अध्याय 1, NCERT कक्षा 12 गणित) — हर प्रश्न और उत्तर सिर्फ़ अंतिम उत्तर नहीं, बल्कि पूरी तरह चरण-दर-चरण हल किया गया। आप संबंध एवं फलन की पाठ्यपुस्तक का अध्याय भी पढ़ सकते हैं।
हल किए गए
इन समाधानों में क्या है
- किसी समुच्चय पर संबंधों का वर्गीकरण — अध्याय यह दर्शाता है कि किसी समुच्चय के अवयवों को किस प्रकार युग्मित किया जा सकता है — रिक्त एवं सार्वत्रिक संबंधों से आरंभ कर स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक संबंधों तक। जब कोई संबंध तीनों गुणधर्मों को एक साथ रखता है (तुल्यता संबंध), तो वह समुच्चय को परस्पर अखंडित वर्गों में विभाजित कर देता है।
- फलन किस प्रकार एक समुच्चय से दूसरे में प्रतिचित्रण करता है — फलनों का अध्ययन इस दृष्टि से किया जाता है कि वे अपने सह-प्रांत को किस प्रकार आच्छादित करते हैं: एकैकी (आच्छादक नहीं) फलन कभी किसी निर्गत को दोहराते नहीं; आच्छादक फलन प्रत्येक निर्गत तक पहुँचते हैं; और एकैकी-आच्छादक फलन दोनों गुण एक साथ रखते हैं — यही दृष्टिकोण बाद में यह तय करता है कि किन फलनों का प्रतिलोम संभव है।
- फलनों का निर्माण और प्रतिलोम — दो फलनों को इस प्रकार श्रृंखलाबद्ध किया जा सकता है कि पहले फलन का निर्गत दूसरे का निवेश बने (संघटन) — यह क्रिया सामान्यतः क्रमविनिमेय नहीं होती। अध्याय यह भी स्पष्ट करता है कि किसी फलन का प्रतिलोम तभी संभव है जब वह एकैकी-आच्छादक हो।
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