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समाधान

अवलोकन

द्रव्य का परमाणिक आधार के NCERT समाधान (अध्याय 9, NCERT कक्षा 9 विज्ञान) — हर प्रश्न और उत्तर सिर्फ़ अंतिम उत्तर नहीं, बल्कि पूरी तरह चरण-दर-चरण हल किया गया। आप द्रव्य का परमाणिक आधार की पाठ्यपुस्तक का अध्याय भी पढ़ सकते हैं।

हल किए गए

इन समाधानों में क्या है

  • दो आधारभूत नियम — द्रव्यमान संरक्षण का नियम (लेवॉयज़ियर, 1789) कहता है कि किसी भी अभिक्रिया में द्रव्य न तो उत्पन्न होता है और न ही नष्ट होता है; स्थिर अनुपात का नियम (प्राउस्ट) कहता है कि किसी यौगिक में तत्त्व सदैव एक निश्चित द्रव्यमान अनुपात में संयुक्त होते हैं।
  • डाल्टन का परमाणु सिद्धांत — इन नियमों पर आधारित डाल्टन का सिद्धांत कहता है कि परमाणु अविभाज्य होते हैं, एक ही तत्त्व के सभी परमाणु एकसमान होते हैं परंतु विभिन्न तत्त्वों के परमाणु भिन्न होते हैं, और ये सरल पूर्ण-संख्या अनुपात में संयुक्त होकर यौगिक बनाते हैं।
  • सहसंयोजक और आयनिक बंध — परमाणु सहसंयोजक बंध में इलेक्ट्रॉन साझा करके अणु बनाते हैं (एकल या द्विबंध, जैसे H₂ या H₂O) अथवा आयनिक बंध में इलेक्ट्रॉन स्थानांतरित करके धनायन और ऋणायन बनाते हैं जो स्थिर वैद्युत आकर्षण से जुड़े रहते हैं।
  • सूत्र और द्रव्यमान — यौगिकों को व्यवस्थित सूत्रों में लिखा जाता है और उनका द्रव्यमान परमाणु द्रव्यमानों के योग से ज्ञात होता है: H₂O जैसे अणुओं का आणविक द्रव्यमान 18 u होता है और Na₂O जैसे आयनिक यौगिकों का सूत्र इकाई द्रव्यमान 62 u होता है।
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