अध्याय 7: ऊर्जा — वस्तुएँ कैसे कार्य करती हैं?
पाठ्यपुस्तक PDF खोलेंब्राउज़र में पढ़ें→सारांश
कक्षा 5 पर्यावरण अध्ययन एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (हमारी अद्भुत दुनिया) का अध्याय 7, "ऊर्जा — वस्तुएँ कैसे कार्य करती हैं?", बताता है कि ऊर्जा क्या होती है और यह गति, ध्वनि, ताप व प्रकाश उत्पन्न करके हमारे आस-पास की प्रत्येक वस्तु को कैसे संचालित करती है।
- ऊर्जा क्या है? — ऊर्जा वह है जो वस्तुओं को गतिमान करती है, प्रकाश उत्पन्न करती है, ध्वनि पैदा करती है, कार्य करवाती है और तापमान बदलती है। रसोईघर में भोजन पकाना, वाहनों का चलना और पंखे का घूमना — सभी में ऊर्जा काम करती है।
- ऊर्जा के स्रोत — भोजन, ईंधन और विद्युत — भोजन मनुष्यों और सभी जीवों के लिए ऊर्जा का स्रोत है। वाहन पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधनों से चलते हैं, जबकि घरों, विद्यालयों और उद्योगों में विद्युत से पंखे, बल्ब और मशीनें चलती हैं। लकड़ी या कोयला जलाने से धुआँ और प्रदूषण होता है।
- स्वच्छ ऊर्जा — सूर्य, पवन और जल — सौर पैनल सूर्य के प्रकाश को विद्युत में बदलते हैं; पवन चक्कियाँ पवन की गति से विद्युत बनाती हैं; तेज़ बहती नदियाँ और ऊपर से गिरता जल भी विद्युत उत्पन्न करते हैं। ये प्राकृतिक स्रोत प्रदूषण नहीं फैलाते इसलिए इन्हें स्वच्छ ऊर्जा कहते हैं।
- ऊर्जा दक्षता और सुरक्षित उपयोग — ऊर्जा दक्षता का अर्थ है कम ऊर्जा में वही काम करना — उदाहरण के लिए LED बल्ब पुराने बल्बों जितना प्रकाश देते हैं पर कम विद्युत खर्च करते हैं। विद्युत उपयोगी है लेकिन खतरनाक भी, इसलिए सॉकेट में कुछ डालना या तार छूना नहीं चाहिए।
- संचित ऊर्जा — हमारा शरीर भविष्य के लिए ऊर्जा संचित करता है इसीलिए एक बार का भोजन न करने पर भी हम काम कर सकते हैं। टॉर्च और खिलौनों की बैटरियाँ संचित ऊर्जा का एक और उदाहरण हैं।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01ऊर्जा वह है जो वस्तुओं को गतिमान, प्रकाशमान या ध्वनियुक्त बनाती है — यह प्रकृति और घर में होने वाली हर गतिविधि के पीछे है।
- 02भोजन सभी जीवों के लिए ऊर्जा का स्रोत है; पेट्रोल और डीजल वाहनों को चलाते हैं।
- 03कोयला जलाकर अधिकतर विद्युत बनाई जाती है लेकिन इससे धुआँ और हानिकारक गैसें निकलती हैं जो वायु प्रदूषण फैलाती हैं।
- 04सूर्य, पवन और जल से विद्युत उत्पन्न करना स्वच्छ ऊर्जा है क्योंकि इससे प्रदूषण नहीं होता।
- 05राजस्थान का भड़ला सौर पार्क विश्व के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों में से एक है; केरल का कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित है।
- 06सूर्य एक घंटे में पृथ्वी को उतनी ऊर्जा देता है जितनी समस्त मानवजाति एक पूरे वर्ष में उपयोग करती है।
- 07LED बल्बों का उपयोग ऊर्जा दक्षता का उदाहरण है — वे पुराने बल्बों जितना प्रकाश देते हैं पर कम विद्युत खर्च करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कक्षा 5 हमारी अद्भुत दुनिया के अध्याय 7 के अनुसार ऊर्जा क्या है?
ऊर्जा वह है जो वस्तुओं को गतिमान करती है, प्रकाश उत्पन्न करती है, ध्वनि पैदा करती है, कार्य करवाती है और तापमान बदलती है। यह हमारे चारों ओर हर पल काम करती है।
02अध्याय 7 में ऊर्जा के कौन से मुख्य रूपों का वर्णन है?
अध्याय में ताप ऊर्जा, ध्वनि ऊर्जा, प्रकाश ऊर्जा और गतिज (चलन) ऊर्जा मुख्य रूपों के रूप में बताए गए हैं और प्रत्येक को सरल कक्षा क्रियाकलापों से समझाया गया है।
03मनुष्यों, जीव-जंतुओं और वाहनों के लिए ऊर्जा का स्रोत क्या है?
भोजन मनुष्यों और सभी जीव-जंतुओं के लिए ऊर्जा का स्रोत है, जबकि कार और स्कूटर जैसे वाहन पेट्रोल और डीजल ईंधन पर चलते हैं।
04स्वच्छ ऊर्जा क्या है और इसके प्राकृतिक स्रोत कौन से हैं?
सूर्य, पवन और जल जैसे प्राकृतिक स्रोतों से उत्पन्न विद्युत को स्वच्छ ऊर्जा कहते हैं क्योंकि इससे धुआँ या प्रदूषण नहीं होता।
05सौर ऊर्जा के बड़े पैमाने पर उपयोग का वास्तविक उदाहरण कौन सा है?
केरल का कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा विश्व का पहला ऐसा हवाई अड्डा है जो पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित है, और राजस्थान का भड़ला सौर पार्क विश्व के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों में से एक है।
06ऊर्जा दक्षता क्या है और LED बल्ब किस प्रकार ऊर्जा बचाते हैं?
ऊर्जा दक्षता का अर्थ है कम ऊर्जा में वही काम करना; उदाहरण के लिए LED बल्ब पुराने बल्बों जितना प्रकाश देते हैं लेकिन कम विद्युत खर्च करते हैं।
07सूर्य से पृथ्वी को मिलने वाली ऊर्जा के बारे में एक उल्लेखनीय तथ्य क्या है?
सूर्य एक घंटे में पृथ्वी को उतनी ऊर्जा प्रदान करता है जितनी पृथ्वी के सभी मनुष्य एक पूरे वर्ष में उपयोग करते हैं।
08भारतीय पारंपरिक वास्तुकला और वास्तु शास्त्र ने प्राकृतिक ऊर्जा का उपयोग किस प्रकार किया?
पारंपरिक घरों में छोटी खिड़कियाँ और मोटी दीवारें गर्मियों में ठंडक और सर्दियों में गर्मी बनाए रखती थीं। वास्तु शास्त्र कमरों, दरवाजों और खिड़कियों की दिशा प्राकृतिक सूर्यप्रकाश, पवन और ताप के अधिकतम उपयोग के लिए तय करता था, जिससे अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता कम होती थी।
More chapters in हमारी अद्भुत दुनिया
हमारी अद्भुत दुनिया — कक्षा 5 पर्यावरण अध्ययन की NCERT पाठ्यपुस्तक (2026-27 संस्करण) — का अध्याय 7 ऑनलाइन मुफ़्त पढ़ें: NCERT द्वारा प्रकाशित पूरा अध्याय, हर चित्र, हल किए गए उदाहरण और अभ्यास के साथ, चरण-दर-चरण समाधान, उत्तर और रिवीजन नोट्स के साथ। ऊपर दी गई NCERT PDF खोलें, या सभी NCERT कक्षा 5 पाठ्यपुस्तकें देखें।