सारांश
कक्षा 5 पर्यावरण अध्ययन एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (हमारी अद्भुत दुनिया) का अध्याय 9, "प्रकृति की लय", दिन-रात, ऋतुओं और प्रकृति में बार-बार दोहराए जाने वाले परिवर्तनों की प्राकृतिक लय को समझाता है — पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूर्णन, भारत की छह ऋतुएँ, ऋतु-आधारित पर्व और फसलें, तथा दैनंदिनी लेखन द्वारा प्रकृति अवलोकन इस अध्याय के मुख्य विषय हैं।
- दिन और रात: पृथ्वी का घूर्णन — अध्याय स्पष्ट करता है कि सूर्य नहीं चलता — पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है। जब पृथ्वी का एक भाग सूर्य की ओर होता है तो वहाँ दिन होता है और दूसरी ओर रात। टॉर्च और ग्लोब की सहायता से यह गतिविधि कक्षा में की जाती है। अरुणाचल प्रदेश का डोंग गाँव भारत का 'प्रथम सूर्योदय वाला गाँव' है।
- ऋतुएँ और उनका दोहराव — प्रकृति में वर्ष भर होने वाले परिवर्तन एक निर्धारित क्रम में दोहराए जाते हैं — इसी को ऋतुएँ कहते हैं। भारत में छह ऋतुएँ होती हैं: वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर। केरल की शीत ऋतु कश्मीर की शीत ऋतु से अलग होती है, जो दर्शाता है कि ऋतुओं का अनुभव क्षेत्र के अनुसार भिन्न होता है।
- ऋतुएँ, फसलें और पर्व — किसान ऋतु के अनुसार फसलें उगाते हैं — कुछ शीत ऋतु में, कुछ ग्रीष्म में और कुछ वर्षा ऋतु में। भारत में 1000 से अधिक पर्व प्रतिवर्ष मनाए जाते हैं, जिनमें से अनेक ऋतुओं से जुड़े हैं: पोंगल और मकर संक्रांति शीत ऋतु में, होली वसंत में जब फूल खिलते हैं, दीपावली शरद में उपज प्राप्त होने पर, और बैसाखी, गुड़ी पड़वा, विशु व रोंगाली बिहू नव वर्ष और पैदावार के उत्सव के रूप में।
- प्रकृति का अवलोकन — ऋतु-पत्रिका — विद्यार्थियों को दैनंदिनी (पत्रिका) लेखन के माध्यम से अपने परिवेश में होने वाले परिवर्तनों को चार सत्रों (अप्रैल-जून, जुलाई-सितंबर, अक्तूबर-दिसंबर, जनवरी-मार्च) में नोट करना होता है। इसमें वनस्पति जीवन, पशु-पक्षी, वायु व ताप, जल निकाय और मानव गतिविधियाँ — पाँच विषयों पर अवलोकन दर्ज होते हैं।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01दिन और रात का कारण पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूर्णन है — सूर्य स्थिर रहता है; टॉर्च-ग्लोब गतिविधि इसे दर्शाती है।
- 02अरुणाचल प्रदेश के डोंग गाँव को भारत का 'प्रथम सूर्योदय वाला गाँव' कहा जाता है क्योंकि सूर्य की किरणें सबसे पहले वहाँ पहुँचती हैं।
- 03भारत में प्रतिवर्ष 1000 से अधिक पर्व मनाए जाते हैं और विश्व के सर्वाधिक उत्सव-प्रिय देशों में इसकी गणना होती है।
- 04भारत में छह ऋतुएँ हैं: वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर।
- 05चींटियाँ जब अपने अंडे ऊँचाई पर ले जाती हैं तो यह एक प्राकृतिक संकेत है कि शीघ्र वर्षा होगी।
- 06मानसून के दौरान साँप जल से भरे बिलों से बाहर आते हैं — इसीलिए नाग पंचमी मनाई जाती है।
- 07ऋतुएँ हमारे भोजन, वस्त्र, फसलें और पर्वों को प्रभावित करती हैं तथा जीवन में एक नियमित लय लाती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01अध्याय 9 'प्रकृति की लय' किस बारे में है?
यह अध्याय विद्यार्थियों को उनके आस-पास होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों — दिन-रात, ऋतुओं और बार-बार दोहराए जाने वाले क्रम — को देखने और समझने में सहायता करता है। यह दर्शाता है कि ये परिवर्तन एक निर्धारित लय में होते हैं जिसे हम ऋतुएँ कहते हैं।
02दिन और रात क्यों होते हैं?
सूर्य स्थिर रहता है और पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है। पृथ्वी का जो भाग सूर्य की ओर होता है वहाँ दिन होता है और जो भाग अँधेरे में होता है वहाँ रात।
03टॉर्च-ग्लोब गतिविधि से दिन-रात कैसे समझाया जाता है?
एक विद्यार्थी 'सूर्य' बनकर केंद्र में खड़ा होता है और टॉर्च जलाता है। दूसरा विद्यार्थी 'पृथ्वी' बनकर धीरे-धीरे अपनी धुरी पर घूमता है — जब सूर्य दिखता है तो 'दिन' और जब नहीं दिखता तो 'रात' कहता है। ग्लोब और टॉर्च से भी यही गतिविधि दोहराई जाती है।
04डोंग गाँव क्यों प्रसिद्ध है?
अरुणाचल प्रदेश का डोंग गाँव भारत का 'प्रथम सूर्योदय वाला गाँव' है क्योंकि सूर्य की किरणें प्रतिदिन सबसे पहले वहाँ पहुँचती हैं।
05भारत में कितनी ऋतुएँ हैं और उनके नाम क्या हैं?
भारत में छह ऋतुएँ होती हैं: वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर।
06ऋतुएँ क्या होती हैं और कैसे बनती हैं?
प्रकृति में होने वाले परिवर्तन — जैसे गर्मी, वर्षा, ठंड — एक निर्धारित क्रम में प्रत्येक वर्ष दोहराए जाते हैं। इस दोहराव को ऋतु कहते हैं। पृथ्वी की गति के कारण विभिन्न भागों में अलग-अलग समय पर अलग-अलग ऋतुएँ होती हैं।
07भारतीय पर्व ऋतुओं से कैसे जुड़े हैं?
पोंगल और मकर संक्रांति शीत ऋतु में, होली वसंत में जब फूल खिलते हैं, दीपावली शरद ऋतु में उपज प्राप्त होने के बाद, और बैसाखी, गुड़ी पड़वा, विशु व रोंगाली बिहू नव वर्ष और फसल उत्सव के रूप में मनाए जाते हैं।
08किसान अलग-अलग ऋतुओं में अलग फसलें क्यों उगाते हैं?
कुछ फसलें शीत ऋतु में, कुछ ग्रीष्म में और कुछ वर्षा ऋतु में अच्छी होती हैं क्योंकि हर फसल को अलग तापमान और पानी की मात्रा की आवश्यकता होती है। किसान ऋतु के अनुसार उचित फसल का चुनाव करते हैं।
09वर्षा आने का प्राकृतिक संकेत क्या है?
जब चींटियाँ अपने अंडे ऊँचाई पर ले जाने लगती हैं तो यह प्राकृतिक संकेत होता है कि शीघ्र ही वर्षा होने वाली है।
10क्या एनसीईआरटी कक्षा 5 पर्यावरण अध्ययन की पीडीएफ निःशुल्क उपलब्ध है?
हाँ, एनसीईआरटी कक्षा 5 पर्यावरण अध्ययन (हमारी अद्भुत दुनिया) की पीडीएफ निःशुल्क उपलब्ध है। कोई पंजीकरण या भुगतान आवश्यक नहीं है।
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