अध्याय 4: चुंबकों को जानें
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कक्षा 6 विज्ञान एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (जिज्ञासा) का अध्याय 4, "चुंबकों को जानें", चुंबकों के गुणों, चुंबकीय और अचुंबकीय पदार्थों, चुंबक के दो ध्रुवों (उत्तरी और दक्षिणी), ध्रुवों के बीच आकर्षण-विकर्षण के नियम, तथा चुंबकीय दिक्सूचक के सिद्धांत को प्रयोगों द्वारा समझाता है।
- चुंबकीय और अचुंबकीय पदार्थ — लोहा, निकेल और कोबाल्ट चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं—ये चुंबकीय पदार्थ हैं। लकड़ी, प्लास्टिक और काँच आकर्षित नहीं होते—ये अचुंबकीय पदार्थ हैं। यह दैनिक जीवन की वस्तुओं को पहचानने का एक सरल परीक्षण है।
- चुंबक के ध्रुव — प्रत्येक चुंबक के दो ध्रुव होते हैं—उत्तरी और दक्षिणी—जहाँ चुंबकीय बल सबसे अधिक होता है। ध्रुव सदा जोड़े में रहते हैं; चुंबक को कितने भी टुकड़ों में तोड़ें, प्रत्येक टुकड़े में दोनों ध्रुव बने रहते हैं—एकल ध्रुव वाला चुंबक संभव नहीं।
- आकर्षण और विकर्षण का नियम — समान ध्रुव (उत्तर-उत्तर या दक्षिण-दक्षिण) एक-दूसरे को विकर्षित करते हैं; असमान ध्रुव (उत्तर-दक्षिण) आकर्षित करते हैं। विकर्षण चुंबक की पहचान का निश्चित परीक्षण है—साधारण लोहे की छड़ केवल आकर्षित होती है, विकर्षित कभी नहीं।
- पृथ्वी एक विशाल चुंबक और चुंबकीय दिक्सूचक — स्वतंत्र रूप से लटका हुआ चुंबक सदा उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरता है, क्योंकि पृथ्वी स्वयं एक विशाल चुंबक की तरह व्यवहार करती है। इसी सिद्धांत पर चुंबकीय दिक्सूचक (कंपास) काम करता है जिसका उपयोग नाविक दिशा जानने के लिए करते थे।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले चुंबकों को 'चुंबक पत्थर' या लॉडस्टोन कहते हैं; विद्यालयों, खिलौनों और पेंसिल बॉक्स में प्रयुक्त चुंबक कृत्रिम चुंबक हैं।
- 02चुंबकीय पदार्थ (लोहा, निकेल, कोबाल्ट) चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं; अचुंबकीय पदार्थ (लकड़ी, प्लास्टिक, काँच, रबड़) आकर्षित नहीं होते।
- 03प्रत्येक चुंबक के दो ध्रुव होते हैं—उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव—जो उसके सिरों पर स्थित होते हैं, जहाँ चुंबकीय बल सबसे अधिक होता है।
- 04चुंबकीय ध्रुव सदा जोड़े में होते हैं। चुंबक को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ने पर भी प्रत्येक टुकड़े में दोनों ध्रुव रहते हैं—एकल ध्रुव का अस्तित्व नहीं होता।
- 05स्वतंत्र रूप से लटका हुआ चुंबक सदा उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरता है, क्योंकि पृथ्वी स्वयं एक विशाल चुंबक की तरह व्यवहार करती है।
- 06समान ध्रुव (उत्तर-उत्तर या दक्षिण-दक्षिण) एक-दूसरे को विकर्षित करते हैं; असमान ध्रुव (उत्तर-दक्षिण) आकर्षित करते हैं।
- 07विकर्षण चुंबक की पहचान का सबसे विश्वसनीय परीक्षण है—साधारण लोहे की छड़ दोनों ध्रुवों से केवल आकर्षित होती है, विकर्षित कभी नहीं।
- 08चुंबकीय दिक्सूचक (कंपास) में सुई के आकार का एक चुंबक होता है जो स्वतंत्र रूप से घूमकर उत्तर-दक्षिण दिशा इंगित करता है।
- 09चुंबकीय बल लकड़ी, गत्ते, प्लास्टिक और काँच जैसे अचुंबकीय पदार्थों के आर-पार भी कार्य करता है।
- 10प्राचीन भारत में नाविक 'मत्स्य-यंत्र'—तेल से भरे पात्र में रखी चुंबकीय मछली के आकार की लोहे की पट्टी—का उपयोग समुद्री यात्रा में दिशा जानने के लिए करते थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कक्षा 6 विज्ञान (जिज्ञासा) का अध्याय 4 किस बारे में है?
अध्याय 4 'चुंबकों को जानें' चुंबकों के गुण—चुंबकीय और अचुंबकीय पदार्थ, चुंबक के दो ध्रुव (उत्तरी और दक्षिणी), स्वतंत्र रूप से लटका चुंबक उत्तर-दक्षिण में क्यों ठहरता है, असमान ध्रुव आकर्षित और समान ध्रुव विकर्षित क्यों होते हैं, तथा चुंबकीय दिक्सूचक कैसे काम करता है—इन सबको प्रयोगों द्वारा समझाता है।
02चुंबक पत्थर (लॉडस्टोन) क्या होते हैं?
चुंबक पत्थर प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले चुंबक हैं जिनकी खोज प्राचीन काल में हुई थी। पुराने समय में नाविक इन्हीं पर आधारित चुंबकों से दिशा जानते थे। बाद में लोगों ने जाना कि लोहे के टुकड़ों से भी चुंबक बनाए जा सकते हैं।
03चुंबकीय और अचुंबकीय पदार्थ कौन-से होते हैं? उदाहरण दीजिए।
चुंबकीय पदार्थ—जो चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं—जैसे लोहा, निकेल, कोबाल्ट। अचुंबकीय पदार्थ—जो आकर्षित नहीं होते—जैसे लकड़ी, रबड़, प्लास्टिक, काँच।
04चुंबक के कितने ध्रुव होते हैं? क्या चुंबक तोड़ने पर ध्रुव अलग हो सकते हैं?
प्रत्येक चुंबक के दो ध्रुव होते हैं—उत्तरी और दक्षिणी। चुंबक को कितने भी टुकड़ों में तोड़ें, प्रत्येक टुकड़े में दोनों ध्रुव बने रहते हैं। एकल ध्रुव वाला चुंबक प्राप्त करना संभव नहीं है।
05स्वतंत्र रूप से लटका चुंबक हमेशा उत्तर-दक्षिण में क्यों ठहरता है?
क्योंकि हमारी पृथ्वी स्वयं एक विशाल चुंबक की तरह व्यवहार करती है। इसलिए स्वतंत्र रूप से लटका चुंबक पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के प्रभाव से उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहर जाता है।
06चुंबक की पहचान का सबसे विश्वसनीय परीक्षण क्या है?
विकर्षण। यदि दो वस्तुएँ एक-दूसरे को विकर्षित करें तो दोनों चुंबक हैं। साधारण लोहे की छड़ चुंबक के दोनों ध्रुवों से आकर्षित होती है, लेकिन किसी ध्रुव को विकर्षित नहीं कर सकती—इसलिए आकर्षण मात्र से चुंबक की पुष्टि नहीं होती।
07चुंबकीय दिक्सूचक (कंपास) कैसे काम करता है?
चुंबकीय दिक्सूचक में सुई के आकार का एक चुंबक होता है जो स्वतंत्र रूप से घूम सकता है। यह सुई पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के कारण उत्तर-दक्षिण दिशा में रुक जाती है। डायल को सुई के साथ संरेखित करने पर सभी दिशाएँ ज्ञात हो जाती हैं।
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