अध्याय 7: ताप एवं उसका मापन
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कक्षा 6 विज्ञान एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (जिज्ञासा) का अध्याय 7, "ताप एवं उसका मापन", विद्यार्थियों को बताता है कि ताप क्या है, इसे डॉक्टरी और प्रयोगशाला तापमापियों से कैसे मापते हैं, और तीन मापक्रम — सेल्सियस, फारेनहाइट और केल्विन — से इसे कैसे व्यक्त करते हैं।
- ताप क्या मापता है — किसी पिंड की गरमाहट या ठंडक का विश्वसनीय माप उसका ताप है, क्योंकि केवल स्पर्श-इंद्रिय भ्रामक हो सकती है। ताप मापने वाले उपकरण को तापमापी (थर्मामीटर) कहते हैं।
- तापमापियों के प्रकार — ज्वरमापी (डॉक्टरी थर्मामीटर) शरीर का ताप मापता है (सामान्य: 37.0 °C / 98.6 °F), जबकि प्रयोगशाला तापमापी का परिसर लगभग –10 °C से 110 °C होता है। विषैले पारे के तापमापियों का स्थान सुरक्षित अंकीय (डिजिटल) तापमापियों ने ले लिया है।
- ताप के तीन मापक्रम — ताप सेल्सियस (°C), फारेनहाइट (°F) या केल्विन (K — SI मात्रक) में व्यक्त किया जाता है; परिवर्तन सूत्र: K = °C + 273.15। परम शून्य (0 K = –273.15 °C) न्यूनतम सैद्धांतिक ताप है और ऊपरी कोई सीमा नहीं है।
- ताप और मौसम — वायुमंडलीय ताप विश्वभर के मौसम-केंद्रों पर मापा जाता है। 'भारत की मौसम महिला' अन्ना मणि ने कई मौसम-मापन उपकरण बनाए और भारत को नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी बनाने में योगदान दिया।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01ताप किसी पिंड की गरमाहट या ठंडक का विश्वसनीय माप है; स्पर्श-इंद्रिय भ्रामक हो सकती है।
- 02ताप मापने वाले उपकरण को तापमापी कहते हैं।
- 03दो सामान्य तापमापी: ज्वरमापी (शरीर के ताप के लिए) और प्रयोगशाला तापमापी (अन्य प्रयोजनों के लिए)।
- 04स्वस्थ मानव शरीर का सामान्य ताप 37.0 °C (98.6 °F) माना जाता है; सामान्यतः 35 °C से नीचे या 42 °C से ऊपर नहीं जाता।
- 05पारा विषैला होने के कारण पारे के तापमापियों का स्थान अंकीय तापमापियों ने ले लिया है।
- 06ताप के तीन मापक्रम: सेल्सियस (°C), फारेनहाइट (°F) और केल्विन (K)। केल्विन SI मात्रक है।
- 07परिवर्तन सूत्र: केल्विन स्केल पर ताप = सेल्सियस स्केल पर ताप + 273.15।
- 08प्रयोगशाला तापमापी का सामान्य परिसर –10 °C से 110 °C है; डॉक्टरी थर्मामीटर उबलते जल या बर्फ का ताप नहीं माप सकता।
- 09प्रयोगशाला तापमापी से ताप पढ़ते समय तापमापी जल में डूबा रहना चाहिए और उसे लंबवत पकड़ना चाहिए।
- 10परम शून्य (0 K = –273.15 °C) सैद्धांतिक रूप से प्राप्त होने वाला न्यूनतम ताप है; ऊपरी कोई सीमा नहीं है।
- 11वायु का ताप विश्वभर के मौसम-केंद्रों पर मापा जाता है और मौसम-पूर्वानुमान में उपयोग होता है।
- 12अन्ना मणि (1918–2001) — 'भारत की मौसम महिला' — ने अनेक मौसम-मापन उपकरण बनाए और भारत को नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी बनाने में सहयोग दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01यह अध्याय किस बारे में है?
कक्षा 6 विज्ञान (जिज्ञासा) का अध्याय 7 ताप के बारे में है — यह क्या है, इसे कैसे मापते हैं, और तीन मापक्रम (सेल्सियस, फारेनहाइट, केल्विन) से इसे कैसे व्यक्त करते हैं। इसमें डॉक्टरी और प्रयोगशाला तापमापियों का सही उपयोग भी समझाया गया है।
02किसी वस्तु के गर्म या ठंडे होने का पता लगाने के लिए हम सदैव स्पर्श पर भरोसा क्यों नहीं कर सकते?
स्पर्श-इंद्रिय सापेक्ष अनुभव देती है, निरपेक्ष ताप नहीं। उदाहरण के लिए, यदि एक हाथ गर्म जल में और दूसरा बर्फीले जल में रखा हो, फिर दोनों को नल के जल में डुबोएँ — गर्म जल वाला हाथ उसे ठंडा और ठंडे जल वाला हाथ उसे गर्म अनुभव करेगा।
03स्वस्थ मानव शरीर का सामान्य ताप कितना होता है?
स्वस्थ वयस्क मानव शरीर का सामान्य ताप 37.0 °C (98.6 °F) माना जाता है। पूरी तरह स्वस्थ व्यक्ति का ताप इससे थोड़ा भिन्न हो सकता है क्योंकि यह अनेक स्वस्थ व्यक्तियों का औसत है। यह सामान्यतः 35 °C से नीचे या 42 °C से ऊपर नहीं जाता।
04ताप के तीन मापक्रम और उनके मात्रक कौन-से हैं?
तीन मापक्रम हैं: (1) सेल्सियस — मात्रक डिग्री सेल्सियस (°C); (2) फारेनहाइट — मात्रक डिग्री फारेनहाइट (°F); (3) केल्विन — मात्रक केल्विन (K, कोई डिग्री चिह्न नहीं)। केल्विन ताप का SI मात्रक है।
05सेल्सियस को केल्विन में कैसे बदलते हैं?
केल्विन स्केल पर ताप = सेल्सियस स्केल पर ताप + 273.15। उदाहरण: 37.0 °C = 37.0 + 273.15 = 310.15 K। परम शून्य 0 K = –273.15 °C।
06डॉक्टरी थर्मामीटर और प्रयोगशाला तापमापी में क्या अंतर है?
डॉक्टरी थर्मामीटर मानव शरीर का ताप मापने के लिए है और इसकी मापन-सीमा शरीर के ताप की संकीर्ण परिसर के लिए बनी है। प्रयोगशाला तापमापी अनेक अन्य प्रयोजनों के लिए है और इसका परिसर –10 °C से 110 °C तक होता है। डॉक्टरी थर्मामीटर उबलते जल या बर्फ का ताप नहीं माप सकता।
07प्रयोगशाला तापमापी का परिसर और सबसे छोटा पाठ्यांक क्या है?
प्रयोगशाला तापमापी का सामान्य परिसर –10 °C से 110 °C है। सबसे छोटा पठनीय मान विभाजनों की संख्या पर निर्भर करता है; पाठ्यपुस्तक में दिए तापमापी में प्रत्येक 10 °C अंकन के बीच 10 विभाजन हैं, इसलिए सबसे छोटा पठनीय मान 1 °C है।
08अवरक्त (संपर्क-रहित) तापमापी क्या है और इसका उपयोग कब किया जाता है?
अवरक्त तापमापी शरीर को स्पर्श किए बिना ताप माप सकता है। कोविड-19 महामारी के दौरान ऐसे संपर्क-रहित तापमापी व्यापक रूप से उपयोग किए गए ताकि संक्रमण का खतरा कम हो।
09परम शून्य क्या है?
परम शून्य सैद्धांतिक रूप से प्राप्त होने वाला न्यूनतम ताप है। यह 0 केल्विन (= –273.15 °C) है। ऊपरी ताप की कोई सीमा नहीं है; सूर्य का क्रोड लगभग 1.5 करोड़ डिग्री सेल्सियस तक पहुँचता है।
10पारे के तापमापियों का स्थान अंकीय तापमापी क्यों ले रहे हैं?
पारा अत्यधिक विषैला पदार्थ है। यदि पारे का तापमापी टूट जाए तो पारे का सुरक्षित निपटान कठिन होता है। अंकीय तापमापियों में ऐसा कोई खतरा नहीं होता और उनके प्रदर्श पर संख्या पढ़ना भी सरल होता है।
11अन्ना मणि कौन थीं और अध्याय में उनका उल्लेख क्यों है?
अन्ना मणि (1918–2001) भारतीय वैज्ञानिक थीं जिन्हें 'भारत की मौसम महिला' कहा जाता है। उन्होंने अनेक मौसम-मापन उपकरण बनाए जिससे भारत की अन्य देशों पर निर्भरता कम हुई। उन्होंने पवन और सौर ऊर्जा की संभावनाओं का अन्वेषण कर भारत को नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी बनाने में सहयोग दिया।
12क्या कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 7 की एनसीईआरटी PDF बिना साइन-अप के मुफ़्त मिलती है?
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