अध्याय 3: स्वास्थ्य — एक अमूल्य निधि
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कक्षा 8 विज्ञान एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (जिज्ञासा) का अध्याय 3, "स्वास्थ्य — एक अमूल्य निधि", स्वास्थ्य का वास्तविक अर्थ समझाता है — विश्व स्वास्थ्य संगठन की परिभाषा के अनुसार पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य — और यह पड़ताल करता है कि रोग कैसे उत्पन्न, वर्गीकृत, फैलते, रोके और उपचारित होते हैं।
- स्वास्थ्य: पूर्ण कल्याण की अवस्था — विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार स्वास्थ्य केवल रोग का न होना नहीं, बल्कि पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य की स्थिति है। लक्षण (symptom) वह है जो व्यक्ति महसूस करता है और संकेत (sign) वह है जो देखा या मापा जा सकता है।
- रोगों के दो परिवार — रोग दो प्रकार के होते हैं — संचरणीय, जो रोगजनकों (जीवाणु, विषाणु, कवक, कृमि, प्रोटोज़ोआ) द्वारा होते हैं और एक व्यक्ति से दूसरे में फैलते हैं; और असंचरणीय, जो मधुमेह और कैंसर जैसी जीवनशैली से जुड़ी दीर्घकालिक अवस्थाएँ हैं।
- शरीर और दवाओं से लड़ाई — प्रतिरक्षा शरीर को रोग से लड़ने की क्षमता देती है; टीके कमज़ोर या हानिरहित रोगजनक भाग दिखाकर इस क्षमता को प्रशिक्षित करते हैं। प्रतिजैविक (Antibiotic) जीवाणुओं को मारते हैं (विषाणुओं पर नहीं), पर अनुचित उपयोग से प्रतिरोध बढ़ता है।
- जीवनशैली से रोकथाम — स्वस्थ रहना बड़े पैमाने पर रोकथाम की बात है: संतुलित आहार, व्यायाम, पर्याप्त नींद, स्वच्छता, सीमित स्क्रीन-समय और तंबाकू, शराब, नशे से परहेज़ — ये सब संचरणीय और असंचरणीय दोनों प्रकार के रोगों का जोखिम घटाते हैं।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार स्वास्थ्य 'पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य की स्थिति है — न कि मात्र रोगों का न होना'।
- 02लक्षण (symptom) वह है जो व्यक्ति महसूस करता है (जैसे दर्द, थकान); संकेत (sign) वह है जो देखा या मापा जा सकता है (जैसे बुखार, चकत्ते, सूजन)।
- 03रोग दो मुख्य प्रकार के होते हैं: संचरणीय (रोगजनकों द्वारा होने वाले और फैलने वाले) और असंचरणीय (रोगजनकों से नहीं; जीवनशैली, आहार और पर्यावरण से जुड़े)।
- 04रोगजनक (रोगाणु) वे जीव हैं जो संचरणीय रोग उत्पन्न करते हैं — इनमें जीवाणु, विषाणु, कवक, कृमि और प्रोटोज़ोआ (एककोशिकीय जीव) शामिल हैं।
- 05संचरणीय रोग वायु (खाँसने/छींकने), प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संपर्क, दूषित भोजन या जल और मच्छर जैसे कीट-वाहकों (vectors) के माध्यम से फैलते हैं।
- 06असंचरणीय रोग जैसे मधुमेह, हृदय रोग और कैंसर दीर्घकालिक अवस्थाएँ हैं (3 माह से अधिक) और भारत में मृत्यु का सबसे सामान्य कारण हैं।
- 07प्रतिरक्षा शरीर की रोगों से लड़ने की स्वाभाविक क्षमता है; टीके (vaccines) मृत, कमज़ोर या हानिरहित रोगजनक भागों के संपर्क से प्रतिरक्षा तंत्र को प्रशिक्षित करके अर्जित प्रतिरक्षा प्रदान करते हैं।
- 08प्रतिजैविक (Antibiotics) जीवाणु कोशिकाओं को नष्ट करते हैं; ये विषाणुओं या प्रोटोज़ोआ से होने वाले रोगों पर काम नहीं करते।
- 09प्रतिजैविकों के अविवेकपूर्ण उपयोग से प्रतिरोध विकसित होता है — इन्हें केवल चिकित्सक के परामर्श पर लेना चाहिए।
- 10स्वस्थ जीवनशैली में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, व्यक्तिगत स्वच्छता, सीमित स्क्रीन-समय और तंबाकू, शराब तथा नशे से परहेज़ शामिल हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 3 किस बारे में है?
अध्याय 3, 'स्वास्थ्य — एक अमूल्य निधि', स्वास्थ्य की WHO परिभाषा (पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य), संचरणीय और असंचरणीय रोगों के बीच अंतर, रोगजनकों का प्रसार, प्रतिरक्षा तंत्र और टीकों की कार्यप्रणाली तथा प्रतिजैविकों के जिम्मेदार उपयोग को शामिल करता है।
02WHO के अनुसार स्वास्थ्य की परिभाषा क्या है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार स्वास्थ्य को 'पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य की स्थिति के रूप में परिभाषित किया गया है — न कि मात्र रोगों का न होना।'
03लक्षण और संकेत में क्या अंतर है?
लक्षण (symptom) वह है जो हम महसूस करते हैं — जैसे दर्द या थकान। संकेत (sign) वह है जो देखा या मापा जा सकता है — जैसे बुखार, चकत्ते, उच्च रक्तचाप या सूजन। दोनों चिकित्सक को रोग समझने में सहायता करते हैं।
04संचरणीय और असंचरणीय रोग क्या हैं?
संचरणीय रोग रोगजनकों (जीवाणु, विषाणु, कवक, कृमि, प्रोटोज़ोआ) द्वारा होते हैं और एक से दूसरे व्यक्ति में फैल सकते हैं — जैसे टाइफाइड, डेंगू, फ्लू, चेचक। असंचरणीय रोग जैसे कैंसर, मधुमेह और अस्थमा रोगजनकों से नहीं होते और नहीं फैलते; ये जीवनशैली, आहार और पर्यावरण से जुड़े हैं।
05रोगजनक क्या हैं? उदाहरण दीजिए।
रोगजनक रोग उत्पन्न करने वाले जीव हैं। उदाहरण: जीवाणु (क्षय रोग, हैज़ा, टाइफाइड के कारक), विषाणु (सर्दी-जुकाम, चेचक, खसरा, डेंगू के कारक), कवक, कृमि (राउंडवर्म से एस्केरियासिस) और प्रोटोज़ोआ (जैसे मलेरिया के कारक)।
06प्रतिजैविक (Antibiotics) क्या हैं और वे विषाणुओं पर क्यों काम नहीं करते?
प्रतिजैविक वे दवाएँ हैं जो जीवाणु कोशिकाओं के उन भागों को निशाना बनाकर उन्हें नष्ट करती हैं जो मानव कोशिकाओं से भिन्न हैं। विषाणुओं में ऐसे जीवाणु-विशिष्ट लक्ष्य नहीं होते, इसलिए प्रतिजैविक उन पर असर नहीं करते।
07टीके (vaccines) कैसे काम करते हैं?
टीके मृत, कमज़ोर या हानिरहित रोगजनक भागों को शरीर में प्रविष्ट कराते हैं। इससे प्रतिरक्षा तंत्र उस रोगजनक को पहचानना और उससे लड़ना सीख जाता है — इसे अर्जित प्रतिरक्षा कहते हैं। अगली बार वास्तविक संक्रमण होने पर शरीर तेज़ी से प्रतिक्रिया कर सकता है।
08स्वस्थ जीवनशैली में क्या शामिल है?
स्वस्थ जीवनशैली में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, व्यक्तिगत स्वच्छता, सीमित स्क्रीन-समय और तंबाकू, शराब तथा नशे से परहेज़ शामिल हैं। ये सब संचरणीय और असंचरणीय दोनों प्रकार के रोगों का जोखिम घटाते हैं।
09क्या एनसीईआरटी कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 3 की पीडीएफ निःशुल्क है?
हाँ, एनसीईआरटी कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 3 की पीडीएफ ncerthindi.com पर पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। कोई पंजीकरण आवश्यक नहीं है।
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