सारांश
कक्षा 3 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 9, "सैकड़ों का घर - 2", बच्चों को अकबर-बीरबल की कहानी के माध्यम से 1000 तक की तीन-अंकीय संख्याओं को टाइल्स से बनाना, संख्या-रेखा पर अंकित करना, क्रम से गिनना और विशेष संख्या-पैटर्न (पैलिंड्रोम, जुड़वाँ, भूतसंख्या) खोजना सिखाता है।
- तीन-अंकीय संख्याएँ और स्थानीय मान — बच्चे सैकड़ा, दहाई और इकाई की टाइल्स से 832, 947, 504 जैसी संख्याएँ बनाते हैं और एक ही संख्या को अलग-अलग तरीकों से लिखना सीखते हैं — जैसे 368 = 300 + 60 + 8, या 300 से 68 अधिक, या 400 से 32 कम।
- संख्या-रेखा और समीपवर्ती संख्याएँ — बच्चे 530, 628, 703 जैसी संख्याओं को संख्या-रेखा पर अंकित करते हैं और किसी भी संख्या के समीपवर्ती सौ, पचास और दस खोजते हैं। एक सारस की पहेली में वे यह भी पता लगाते हैं कि एक संख्या से दूसरी संख्या तक पहुँचने में कितने कदम चाहिए।
- क्रम से गिनने के पैटर्न — बच्चे 10, 15, 25, 30 और 100 के अंतराल पर गिनते हुए अधूरे पैटर्न पूरे करते हैं। ये श्रृंखलाएँ 1000 तक जाती हैं, जिससे संख्याओं के बढ़ने का सहज बोध होता है।
- विशेष संख्या-पैटर्न और भूतसंख्या — 'संख्या जासूस' भाग में क्रमागत अंकों वाली संख्याएँ (जैसे 123, 345), पैलिंड्रोम (जैसे 353, 868 — आगे-पीछे एक समान), जुड़वाँ अंक (11, 22) और त्रिक अंक (111, 222) खोजे जाते हैं। भूतसंख्या — संख्याओं को परिचित शब्दों जैसे चाँद (1) और जुड़वाँ (2) से व्यक्त करने की प्राचीन भारतीय परंपरा — भी प्रस्तुत की गई है।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01अकबर-बीरबल की कहानी: बीरबल ने शहर में 963 (नौ सौ तिरसठ) कौवे होने का बुद्धिमानी से उत्तर दिया।
- 02बच्चे सैकड़ा-दहाई-इकाई की टाइल्स से 832, 947, 504, 620, 700 जैसी संख्याएँ बनाकर अभ्यास-पुस्तिका में लिखते हैं।
- 03संख्या-रेखा पर 500 से 900 के बीच संख्याएँ अंकित की जाती हैं और सारस-पहेली में लक्ष्य तक पहुँचने के कदम गिने जाते हैं।
- 04तम्बोला खेल में 570 से 630 के बीच की संख्याओं की जाली भरी जाती है और सुराग मिलाने पर संख्याएँ काटी जाती हैं।
- 05क्रम-गणना में 10, 15, 25, 30 और 100 के अंतराल का उपयोग होता है, कुछ श्रृंखलाएँ 1000 तक पहुँचती हैं।
- 06पैलिंड्रोम संख्याएँ (353, 868), जुड़वाँ-अंक संख्याएँ (11, 22, 33) और त्रिक-अंक संख्याएँ (111, 222, 333) खोजी जाती हैं।
- 07भूतसंख्या: चाँद = 1, जुड़वाँ = 2, दिशाएँ = 4 — संख्याओं को शब्दों में व्यक्त करने की प्राचीन भारतीय विधि।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कक्षा 3 गणित मेला अध्याय 9 'सैकड़ों का घर - 2' किस बारे में है?
यह अध्याय 1000 तक की तीन-अंकीय संख्याओं को टाइल्स, संख्या-रेखा, क्रम-गणना, पहेलियों और तम्बोला खेल के ज़रिए समझाता है।
02अध्याय की शुरुआत में कौन-सी कहानी है?
अकबर-बीरबल की कहानी से अध्याय शुरू होता है। अकबर शहर के कौवों की गिनती जानना चाहते हैं; बीरबल बुद्धिमानी से उत्तर देते हैं कि शहर में 963 (नौ सौ तिरसठ) कौवे हैं और किसी भी अंतर का कारण बताने में सक्षम हैं।
03बच्चे स्थानीय मान कैसे सीखते हैं?
बच्चे सैकड़ा, दहाई और इकाई की टाइल्स से 832, 947, 504 जैसी संख्याएँ बनाते हैं और एक ही संख्या को कई तरीकों से लिखते हैं — जैसे 368 = 300 + 60 + 8।
04तम्बोला गतिविधि क्या है?
बच्चे 570 से 630 के बीच की संख्याओं से एक जाली भरते हैं, फिर सुरागों (जैसे 4 अंक वाली संख्या या 610 से दो अधिक संख्या) के अनुसार संख्याएँ काटते हैं। जो सबसे अधिक संख्याएँ काटे, वह जीतता है।
05संख्या-रेखा गतिविधि में बच्चे क्या करते हैं?
बच्चे 500 से 900 के बीच की संख्याएँ संख्या-रेखा पर अंकित करते हैं और सारस-पहेली में यह गिनते हैं कि एक संख्या से दूसरी तक पहुँचने में कितने आगे या पीछे के कदम चाहिए।
06क्रम-गणना (Skip Counting) में कौन-कौन से अंतराल उपयोग होते हैं?
इस अध्याय में 10, 15, 25, 30 और 100 के अंतराल पर क्रम-गणना की जाती है और कुछ श्रृंखलाएँ 1000 तक जाती हैं।
07पैलिंड्रोम संख्या क्या होती है और अध्याय में कौन से उदाहरण हैं?
पैलिंड्रोम संख्या आगे से और पीछे से एक समान पढ़ी जाती है। अध्याय में 353 और 868 जैसे उदाहरण दिए गए हैं और बच्चों से और ऐसी संख्याएँ ढूँढने को कहा गया है।
08भूतसंख्या क्या है?
भूतसंख्या संख्याओं को परिचित शब्दों से व्यक्त करने की प्राचीन भारतीय विधि है — जैसे चाँद = 1, जुड़वाँ = 2, दिशाएँ = 4। यह गणित और भारतीय परंपरा का रोचक संयोजन है।
09'मेरी संख्याएँ' गतिविधि में बच्चे क्या करते हैं?
बच्चे 3 और 8 अंकों से जितनी संभव दो-अंकीय और तीन-अंकीय संख्याएँ बना सकते हैं वे बनाते हैं, फिर उन्हें छोटे से बड़े क्रम में लिखते हैं और सबसे बड़ी और सबसे छोटी संख्या पहचानते हैं।
10कागज़-पर्ची गतिविधि क्या सिखाती है?
बच्चों को छह पर्चियाँ मिलती हैं जिन पर 100, 10 या 1 लिखा जाता है। वे पर्चियों से 600, 420 जैसी संख्याएँ बनाते हैं और पता लगाते हैं कि सबसे बड़ी और सबसे छोटी कौन-सी बनाई जा सकती है।
11अध्याय में गणित को वास्तविक जीवन से कैसे जोड़ा गया है?
एक मिलान गतिविधि में बच्चे अनुमान लगाते हैं कि उनके विद्यालय के बच्चों की संख्या, किसी किताब के पन्ने, बस में सवारियाँ या एक दिन में चले गए कदम जैसी चीज़ों की संख्या किस सीमा में होगी।
12'संख्या जासूस' भाग में कौन-से पैटर्न खोजे जाते हैं?
क्रमागत अंकों की संख्याएँ (123, 345, 789), उल्टे क्रम की संख्याएँ (321, 876), पैलिंड्रोम, जुड़वाँ-अंक (11, 22) और त्रिक-अंक (111, 222), साथ ही शून्य वाली संख्याएँ (210, 404, 800) खोजी जाती हैं।
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