संबंध एवं फलन
कक्षा 12 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक का अध्याय 1, "संबंध एवं फलन", संबंधों के प्रकार (स्वतुल्य, सममित, संक्रामक, तुल्यता), फलनों के प्रकार (एकैकी, आच्छादक, एकैकी-आच्छादक), फलनों का संघटन तथा प्रतिलोम फलन का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत करता है।
- 1समुच्चय A में संबंध R स्वतुल्य है यदि प्रत्येक a ∈ A के लिए (a, a) ∈ R; सममित है यदि (a, b) ∈ R से (b, a) ∈ R; तथा संक्रामक है यदि (a, b) ∈ R और (b, c) ∈ R से (a, c) ∈ R।
- 2तुल्यता संबंध वह है जो एक साथ स्वतुल्य, सममित और संक्रामक हो; यह समुच्चय को परस्पर अखंडित तुल्यता वर्गों में विभाजित करता है।
- 3फलन f : X → Y एकैकी (आच्छादक) है यदि f(x₁) = f(x₂) से x₁ = x₂; तथा आच्छादक है यदि Y का प्रत्येक अवयव किसी X के अवयव का प्रतिबिंब हो।
- 4एकैकी-आच्छादक फलन एकैकी और आच्छादक दोनों होता है; परिमित समुच्चय X के लिए f : X → X एकैकी होगा यदि और केवल यदि वह आच्छादक हो — यह गुण अनंत समुच्चयों के लिए सत्य नहीं है।
- 5फलनों f : A → B तथा g : B → C का संघटन gof इस प्रकार परिभाषित है: gof(x) = g(f(x)); संघटन सामान्यतः क्रमविनिमेय नहीं होता (gof ≠ fog)।
