गणित • कक्षा 4

गणित (गणित मेला)

NCERT पाठ्यपुस्तक14 अध्याय

अध्याय नोट्स

गणित (गणित मेला) में आप क्या सीखेंगे

गणित (गणित मेला) का त्वरित रिवीज़न मैप — हर अध्याय का मूल विचार और पाँच मुख्य बातें। पूरा NCERT PDF और विस्तृत नोट्स पढ़ने के लिए किसी भी अध्याय पर टैप करें।

01

हमारे आस-पास की आकृतियाँ

कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 1, "हमारे आस-पास की आकृतियाँ", त्रि-आयामी (3डी) आकृतियों — प्रिज्म, पिरामिड, घन, घनाभ — के फलकों, किनारों और कोनों का अन्वेषण करता है तथा कोणों (समकोण, न्यूनकोण, अधिककोण) और वृत्त (त्रिज्या, व्यास) का परिचय देता है। दीक्षा की दिल्ली-यात्रा में इंडिया गेट, कुतुब मीनार और अक्षरधाम जैसे स्मारकों से जुड़ी गतिविधियाँ, जाल (नेट) को मोड़कर आकृतियाँ बनाना और F + V − E का सम्बन्ध इस अध्याय की विशेषताएँ हैं।

  • 1दीक्षा की दिल्ली-यात्रा — इंडिया गेट, कुतुब मीनार, सफदरजंग मकबरा, अक्षरधाम, जंतर-मंतर और संसद भवन — 3डी आकृतियों के अन्वेषण का आधार है
  • 2कुतुब मीनार एक विश्व-प्रसिद्ध धरोहर स्थल है; इसमें 5 मंजिलें और 379 सीढ़ियाँ हैं
  • 3पुस्तक के अंत में दिए गए जालों को मोड़कर प्रिज्म और पिरामिड बनाए जाते हैं
  • 4F + V − E का मान प्रत्येक 3डी आकृति के लिए परिकलित करने पर एक सम्बन्ध दिखता है
  • 5पासे (dice) की विपरीत फलकों का योग 7 होता है — 1 के विपरीत 6, 2 के विपरीत 5, 3 के विपरीत 4
02

लुका-छिपी

कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 2, "लुका-छिपी", स्थानिक समझ (spatial reasoning) सिखाता है — किसी वस्तु को अलग-अलग दिशाओं से देखने पर शीर्ष दृश्य, अग्र दृश्य और पार्श्व दृश्य कैसे भिन्न दिखते हैं, पंक्ति-स्तम्भ जाल (ग्रिड) पर स्थिति बताना, और विद्यालय के मानचित्र पर मार्ग खोजना।

  • 1अध्याय में मिनी, भोलू, रानी, जगत और ज्ञान — पाँच मित्रों के माध्यम से गतिविधियाँ प्रस्तुत की गई हैं
  • 2एक ही वस्तु को तीन दिशाओं से देखने पर तीन अलग-अलग रेखाचित्र बनते हैं — शीर्ष, अग्र और पार्श्व दृश्य
  • 33×3 के जाल में पंक्ति और स्तम्भ के आधार पर वस्तुओं की स्थिति बताई जाती है
  • 44×4 के जाल पर खजाने की खोज का खेल निर्देशित गति (ऊपर/नीचे/दाएँ/बाएँ) का अभ्यास कराता है — विकर्ण गति वर्जित है
  • 5ज्ञान का ड्रोन विद्यालय का शीर्ष दृश्य देता है जिससे मानचित्र पढ़ने का परिचय होता है
03

हमारे चारों ओर पैटर्न (प्रतिरूप)

कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 3, "हमारे चारों ओर पैटर्न (प्रतिरूप)", समूह बनाकर गिनती, खेल-मुद्राओं (सिक्कों) में पैटर्न पहचानना तथा युग्मन विधि से सम और विषम संख्याओं को समझना सिखाता है। गुंडप्पा के नारियल के वृक्षों, मुनिअम्मा की थालियों और शर्ली-शिव के सिक्कों के माध्यम से विद्यार्थी 1 से 100 तक की संख्याओं में सम-विषम का अन्वेषण करते हैं।

  • 1गुंडप्पा के नारियल के वृक्षों और मुनिअम्मा की लड्डू-पेड़े की थालियों से समूह बनाकर गिनती का अभ्यास
  • 21, 2, 5 और 10 रुपये की खेल-मुद्राओं से ₹36, ₹125 और ₹183 दर्शाने के पैटर्न
  • 3युग्मन विधि: जिस संख्या में सभी वस्तुएँ जोड़े बनाएँ वह सम, एक बचे तो विषम
  • 41 से 100 तक की संख्याओं में सम और विषम की पहचान — क्रेयॉन रंग से गोला और बॉक्स गतिविधि
  • 5किसी भी विषम संख्या से ठीक पहले और बाद की संख्याएँ सदैव सम होती हैं
04

हमारे आस-पास हज़ार

कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 4, "हमारे आस-पास हज़ार", गुरुद्वारे के लंगर में लगभग 1,000 लोगों को भोजन करवाने के वास्तविक संदर्भ से चार-अंकीय संख्याओं का परिचय देता है। भारतीय दशमलव स्थानीय मान प्रणाली — इकाई, दहाई, सैकड़ा, हजार — का विस्तार करते हुए विद्यार्थी 9,999 तक की संख्याओं को लिखना, पढ़ना, तुलना करना और संख्या-रेखा पर निरूपित करना सीखते हैं।

  • 1जसप्रीत और गुलनाज गुरुद्वारे में लंगर (सामुदायिक भोज) का आयोजन करते हैं जिसमें लगभग 1,000 लोगों को भोजन करवाया जाता है; 55 स्वयंसेवकों ने सेवा की
  • 210 सैकड़े = 1 हजार (1000) — यह उसी प्रकार है जैसे 10 इकाई = 1 दहाई और 10 दहाई = 1 सैकड़ा
  • 3चार-अंकीय संख्याएँ ह–स–द–इ सारणी और विस्तारित रूप (जैसे 1001 = 1000 + 0 + 0 + 1) में लिखी जाती हैं
  • 4तीर-कार्ड गतिविधि में बच्चे हजार, सैकड़ा, दहाई और इकाई के कार्ड जोड़कर 9,999 तक की संख्याएँ बनाते हैं
  • 5तुलना में पहले हजार का अंक देखते हैं; समान होने पर सैकड़े, फिर दहाई, फिर इकाई
05

बाँटना और मापना

कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 5, "बाँटना और मापना", भिन्नों को रोचक कहानियों और गतिविधियों के माध्यम से परिचित कराता है — ड्राइंग शीट को साझा करना, ढोकले को बढ़ते मेहमानों के बीच बाँटना, और फूलों की क्यारी से भिन्नों को जोड़ना सीखना।

  • 1आधा (1/2) = किसी वस्तु को दो बराबर भागों में बाँटने पर प्रत्येक भाग; एक-चौथाई (1/4) = चार बराबर भागों में बाँटने पर प्रत्येक भाग
  • 2दो-चौथाई और आधा बराबर होते हैं — छात्र कागज मोड़कर इसे स्वयं सत्यापित करते हैं
  • 3ढोकला-कहानी दर्शाती है कि जितने अधिक लोगों में बाँटो (2, 3, 4, 5…), प्रत्येक का हिस्सा उतना छोटा (1/2, 1/3, 1/4, 1/5…)
  • 4वास्तविक जीवन के संदर्भ — ड्राइंग शीट, ढोकला, फूलों की क्यारी, दीये, बिस्कुट और रिबन
  • 5संग्रह की भिन्नें: 8 दीयों का 1/4 = 2 दीये
06

लंबाई मापन

कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 6, "लंबाई मापन", छात्रों को मीटर और सेंटीमीटर से लंबाई मापना सिखाता है — रस्सी बनाने, लंबी कूद और खज़ाना खोज जैसी गतिविधियों के ज़रिए — तथा 1 मी. = 100 से.मी. का मूल संबंध और परिमाप की अवधारणा स्थापित करता है।

  • 11 मीटर (मी.) = 100 सेंटीमीटर (से.मी.) — अध्याय का मूल रूपांतरण तथ्य
  • 2आधा मीटर = 50 से.मी. और एक-चौथाई मीटर = 25 से.मी. — रस्सियों और संख्या-रेखा से दिखाया गया
  • 3छोटी वस्तुओं — रबड़, नाखून, चींटी और बीज — को मापने के लिए सेंटीमीटर का उपयोग होता है
  • 4ऊँचाई दो तरीकों से लिखी जा सकती है: 120 से.मी. = 1 मी. 20 से.मी.
  • 5परिमाप = बंद आकृति की सीमा की लंबाई
07

स्वच्छतम गाँव

कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 7, "स्वच्छतम गाँव", डेजी और लाऊ की मेघालय के मॉउलिननोोंग — एशिया के सबसे स्वच्छ गाँव — की विद्यालयीय यात्रा के बहाने हाथ की सफाई से जोड़, घटाव और पुनर्समूहन (regrouping) सिखाता है।

  • 1अध्याय मॉउलिननोोंग में स्थापित है — ईस्ट खासी हिल्स, मेघालय में एशिया का सबसे स्वच्छ गाँव; 77 परिवार, 414 व्यक्ति, खासी जनजाति
  • 2सब्ज़ी-मूल्य सूची में सेम ₹95/कि.ग्रा., केला ₹55/कि.ग्रा., मूली ₹23/कि.ग्रा. सहित अनेक फल-सब्ज़ियाँ शामिल हैं
  • 3पुनर्समूहन के साथ जोड़ — इकाई-दहाई-सैकड़ा टोकन मॉडल; 438 + 476 = 914 बच्चे यात्रा पर जाते हैं
  • 4पुनर्समूहन के साथ घटाव — 1 दहाई = 10 इकाइयाँ और 1 सैकड़ा = 10 दहाइयाँ के सिद्धांत से
  • 5शेष-राशि गतिविधि — ₹500 तक की राशियों में अज्ञात मूल्य, भुगतान या शेष ज्ञात करना
08

तौलना और उड़ेलना

कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 8, "तौलना और उड़ेलना", गतिविधियों, वास्तविक जीवन की कहानियों और अनुमान-अभ्यासों के ज़रिए ग्राम-किलोग्राम में भार और मिलीलीटर-लीटर में धारिता मापना सिखाता है तथा 500 ग्रा. = ½ कि.ग्रा. और 250 मि.ली. = ¼ लीटर जैसे मूल संबंध स्थापित करता है।

  • 1500 ग्रा. = ½ कि.ग्रा.; 250 ग्रा. = ¼ कि.ग्रा.; 100 ग्रा. = 1/10 कि.ग्रा. — अध्याय के मूल भार-समतुल्य
  • 21000 मि.ली. = 1 लीटर; 500 मि.ली. = ½ ली.; 250 मि.ली. = ¼ ली. — मूल धारिता-समतुल्य
  • 3तुला या मापन-पात्र से वास्तविक माप से पहले अनुमान का अभ्यास
  • 4'मिठाइयों के डिब्बे' समस्या (श्रीमान् श्रीनाथन की काजू कतली) — 1 कि.ग्रा. को छोटे बराबर भारों में विभाजित करना
  • 5मिलान गतिविधि — पत्ती, पेन, बिल्ली, बाघ, हाथी को 1 ग्रा. से 1000 कि.ग्रा. से अधिक के भार-वर्गों से जोड़ना
09

समान समूह

कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 9, "समान समूह", गुणज, सार्व गुणज, गुणन सारणी, गुणन और भाग की विभिन्न विधियाँ सिखाता है — जंतुओं की छलाँग, गुलाबो का बगीचा, दोहरीकरण की जादूगरी और जीवन-संदर्भ समस्याओं के माध्यम से।

  • 1मेंढक (3), गिलहरी (4), खरगोश (6), कंगारू (8) — इनकी छलाँगें संख्या रेखा पर क्रमशः उन संख्याओं के गुणज दर्शाती हैं।
  • 2सार्व गुणज वे संख्याएँ हैं जिन पर दो अलग-अलग जंतु दोनों पहुँचते हैं — जैसे 6 और 8 के सार्व गुणजों में 24 शामिल है।
  • 3गुलाबो के बगीचे में 12 कमल के फूलों में 3 पंखुड़ियाँ प्रत्येक — 12 × 3 = 36 पंखुड़ियाँ — गुणन समान समूहों की गिनती है।
  • 410 × 10 गुणन सारणी में विद्यार्थी सम/विषम पैटर्न और एकाई अंक की पुनरावृत्ति खोजते हैं।
  • 510 या 100 के गुणकों से गुणन में एक पैटर्न: 6 × 8 = 48, इसलिए 60 × 8 = 480 और 600 × 8 = 4800।
10

हाथी, बाघ और तेंदुए

कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 10, "हाथी, बाघ और तेंदुए", भारतीय राज्यों के वास्तविक वन्यजीव जनगणना आँकड़ों — हाथियों, बाघों और तेंदुओं की संख्या — का उपयोग कर 4 अंकीय जोड़ और घटाव (पुनर्समूहन सहित), अनुमान और संख्या प्रतिरूप सिखाता है।

  • 1भारत के वन्यजीव आँकड़े — हाथी, बाघ, तेंदुए — जोड़ और घटाव की वास्तविक जीवन पृष्ठभूमि बनाते हैं।
  • 24 अंकीय जोड़ पुनर्समूहन (10 इ = 1 द, 10 द = 1 स, 10 स = 1 ह) के साथ स्तंभ विधि से सिखाया गया है।
  • 34 अंकीय घटाव पुनर्समूहन — अनेक स्तंभों में उधार लेना — के साथ सिखाया गया है।
  • 4निम रणनीति खेल: प्रत्येक बारी में 1 या 2 जोड़कर लक्षित संख्या तक पहुँचना।
  • 5योग सारणी (0–12) से प्रतिरूप पहचान और अवलोकन कौशल बनाए जाते हैं।
11

सममिति के साथ आनंद

कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 11, "सममिति के साथ आनंद", सममिति रेखाओं, दर्पण प्रतिबिंबों और टाइलिंग प्रतिरूपों से परिचित कराता है — स्याही की अभिकल्पना, कागज का विमान, छिद्र एवं कट की चुनौतियाँ, तथा प्रकृति की यात्रा जैसी गतिविधियों के माध्यम से।

  • 1स्याही की अभिकल्पना: कागज मोड़ो, जलरंग छिड़को, दबाओ — बनी अभिकल्पना सममित होती है और मोड़ ही सममिति रेखा है।
  • 2कागज का विमान सममित होता है; असममित विमान अलग तरह से उड़ता है।
  • 3सममिति रेखा (दर्पण रेखा / प्रतिबिंब रेखा) किसी आकृति को दो बराबर भागों में बाँटती है।
  • 4दर्पण प्रतिबिंब में 0, 1 और 8 वही दिखते हैं; इनसे 181 और 686 जैसी दर्पण-समान संख्याएँ बनती हैं।
  • 5एम्बुलेंस पर शब्द उल्टे लिखे होते हैं ताकि पीछे से आने वाले चालक दर्पण में सही पढ़ सकें।
12

टिक-टिक करती घड़ियाँ और बदलते कैलेंडर (तिथिपत्र)

कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 12, "टिक-टिक करती घड़ियाँ और बदलते कैलेंडर (तिथिपत्र)", समय पढ़ना (पूर्वाह्न/अपराह्न और 24 घंटे की डिजिटल घड़ी), घंटे-मिनट के संबंध, कैलेंडर में दिन और सप्ताह गिनना, तथा अधिवर्ष (लीप वर्ष) की अवधारणा सिखाता है।

  • 1अधिवर्ष प्रत्येक 4 वर्ष में आता है; फरवरी में 29 दिन होते हैं और वर्ष 366 दिनों का होता है।
  • 2तिथि प्रारूप DD/MM/YYYY — जैसे 04/07/2024 = 4 जुलाई 2024।
  • 3पूर्वाह्न = मध्यरात्रि से दोपहर तक; अपराह्न = दोपहर से मध्यरात्रि तक।
  • 424 घंटे की डिजिटल घड़ी 00:00 (मध्यरात्रि) से 23:59 तक — अपराह्न के घंटे में 12 जोड़ें।
  • 51 घंटा = 60 मिनट; आधा घंटा = 30 मिनट; एक चौथाई घंटा = 15 मिनट; तीन चौथाई घंटा = 45 मिनट।
13

परिवहन संग्रहालय

कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 13, "परिवहन संग्रहालय", अमाला, राही और फ़रज़ान की परिवहन संग्रहालय यात्रा के माध्यम से बहु-अंकीय गुणन और शेषफल सहित भाग सिखाता है — इसमें 10 और 100 से गुणा, 15 तथा 14 के पहाड़े, क्षेत्र-आरेख गुणन और वास्तविक जीवन की वाहन-आधारित शाब्दिक समस्याएँ शामिल हैं।

  • 1अमाला, राही और फ़रज़ान — ये तीन बच्चे परिवहन संग्रहालय में भ्रमण करते हैं जहाँ भारत में उपयोग होने वाले परिवहन के विभिन्न साधन प्रदर्शित हैं, जिनमें पुराने समय के अनेक वाहन भी हैं
  • 2रहस्यमय आव्यूह (Mystery Matrix) गतिविधि में पीले बक्सों को 1-अंकीय गुणकों से इस तरह भरना होता है कि पंक्तियों और स्तंभों के गुणनफल क्रमशः नारंगी और नीले बक्सों में दिए गए मानों से मेल खाएँ
  • 3राही को 15 डिब्बों वाली खिलौना रेलगाड़ी दिखती है जिसके प्रत्येक डिब्बे में 14 विद्यार्थी बैठ सकते हैं; क्षेत्र-आरेख से 15 × 14 = 210 निकाला जाता है
  • 4अमाला वंदे भारत मिशन की जानकारी पढ़ती है — प्रथम सप्ताह में 64 विमानों ने उड़ान भरी, प्रत्येक में 152 यात्री थे; 64 × 152 = 9,728 यात्री
  • 5फ़रज़ान केरल की प्रसिद्ध सर्प नौका (स्नेक बोट) देखता है — नौकाएँ 30 से 35 मीटर लंबी होती हैं, 64-128 व्यक्तियों द्वारा चलाई जाती हैं, तकनीक 800 वर्ष पुरानी है; वल्लम काली जुलाई–सितंबर के बीच आयोजित होती है और ओणम के साथ समाप्त होती है
14

आँकड़ों का प्रबंधन

कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 14, "आँकड़ों का प्रबंधन", विद्यार्थियों को सर्वेक्षण-प्रश्न तैयार करना, उत्तर सारणी में व्यवस्थित करना और चित्रालेख पढ़ना सिखाता है — इसमें प्रिय विषयों का सर्वेक्षण (45 विद्यार्थी), रंगीन गोले और बाल मेले की गतिविधियाँ शामिल हैं।

  • 1रोहन और अंजलि — ये दो पात्र अध्याय की मुख्य गतिविधियों में आँकड़े एकत्र और प्रदर्शित करते हैं
  • 245 विद्यार्थियों के प्रिय विषय — गणित, भाषा, हमारे आस-पास की दुनिया, शारीरिक शिक्षा और कला — दर्ज कर सारणी भरी जाती है
  • 3अंजलि का प्रश्न 'आपका सबसे प्रिय विषय कौन-सा है?' रोहन के बहु-उत्तरीय प्रश्न से बेहतर है क्योंकि इससे तुलना करना आसान होता है
  • 4रंगीन गोले गतिविधि में विद्यार्थी भोजनावकाश में खाए गए बर्फ के गोलों के रंगों की गणना करते हैं और पहचानते हैं कि छात्रों तथा छात्राओं ने किस रंग का गोला सबसे अधिक खाया
  • 5शतरंज या क्रिकेट गतिविधि में छात्र-छात्राओं की संख्या चार वर्गों में दर्ज की जाती है — केवल शतरंज, केवल क्रिकेट, दोनों, दोनों में से कोई नहीं