सारांश
कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 4, "हमारे आस-पास हज़ार", गुरुद्वारे के लंगर में लगभग 1,000 लोगों को भोजन करवाने के वास्तविक संदर्भ से चार-अंकीय संख्याओं का परिचय देता है। भारतीय दशमलव स्थानीय मान प्रणाली — इकाई, दहाई, सैकड़ा, हजार — का विस्तार करते हुए विद्यार्थी 9,999 तक की संख्याओं को लिखना, पढ़ना, तुलना करना और संख्या-रेखा पर निरूपित करना सीखते हैं।
- 999 से 1000 की ओर — हजार का स्थान — अध्याय 999 तक की संख्याओं से आगे बढ़ता है। जैसे 10 इकाई = 1 दहाई और 10 दहाई = 1 सैकड़ा, उसी प्रकार 10 सैकड़े = 1 हजार। डीन्स ब्लॉक (Dienes Blocks) इस समूहन को दृश्यात्मक बनाते हैं। जसप्रीत और गुलनाज अलग-अलग समयावधियों में भोजन करने वाले व्यक्तियों की संख्या — 52, 145, 325, 508 — दर्ज करते हैं।
- विस्तारित रूप और स्थानीय मान सारणी (ह, स, द, इ) — चार-अंकीय संख्याओं को हजार–सैकड़ा–दहाई–इकाई की सारणी में लिखा जाता है। प्रत्येक संख्या को विस्तारित रूप में भी व्यक्त किया जाता है — जैसे 3452 = 3000 + 400 + 50 + 2। तीर-कार्ड (arrow cards) गतिविधि में बच्चे हजार, सैकड़ा, दहाई और इकाई के अलग-अलग कार्ड जोड़कर चार-अंकीय संख्याएँ बनाते हैं।
- चार-अंकीय संख्याओं की तुलना और क्रम — < और > चिह्नों से तुलना की जाती है — पहले हजार के अंक की, फिर सैकड़े, दहाई और इकाई की। यदि हजार के अंक समान हों तो सैकड़े का अंक निर्णय करता है — जैसे 3102 > 3012 क्योंकि 1 सैकड़ा > 0 सैकड़ा। जसप्रीत और गुलनाज के मासिक भोजन-संख्याओं की तुलना वास्तविक संदर्भ देती है।
- संख्या-रेखा, अनुमान और सांस्कृतिक जुड़ाव — विद्यार्थी चार-अंकीय संख्याओं को संख्या-रेखा पर निरूपित करते हैं और रोज़मर्रा की मात्राओं — पेड़ पर पत्तियाँ, पुस्तकालय में किताबें — के लिए सही परास (range) का अनुमान लगाते हैं। सांस्कृतिक तथ्यों में भारत के 788 जिले, 7,500 किमी से अधिक समुद्र तट, 1,000 से अधिक त्योहार और भारतीय संख्या प्रणाली की लगभग 2,000 वर्ष पुरानी खोज का उल्लेख है।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01जसप्रीत और गुलनाज गुरुद्वारे में लंगर (सामुदायिक भोज) का आयोजन करते हैं जिसमें लगभग 1,000 लोगों को भोजन करवाया जाता है; 55 स्वयंसेवकों ने सेवा की
- 0210 सैकड़े = 1 हजार (1000) — यह उसी प्रकार है जैसे 10 इकाई = 1 दहाई और 10 दहाई = 1 सैकड़ा
- 03चार-अंकीय संख्याएँ ह–स–द–इ सारणी और विस्तारित रूप (जैसे 1001 = 1000 + 0 + 0 + 1) में लिखी जाती हैं
- 04तीर-कार्ड गतिविधि में बच्चे हजार, सैकड़ा, दहाई और इकाई के कार्ड जोड़कर 9,999 तक की संख्याएँ बनाते हैं
- 05तुलना में पहले हजार का अंक देखते हैं; समान होने पर सैकड़े, फिर दहाई, फिर इकाई
- 06भारतीय संख्या प्रणाली लगभग 2,000 वर्ष पूर्व खोजी गई; केवल दस प्रतीकों (0–9) से कोई भी संख्या लिखी जा सकती है
- 07सांस्कृतिक तथ्य: भारत में 788 जिले, 7,500 किमी से अधिक समुद्र तट और 1,000 से अधिक त्योहार
- 08संख्या-रेखा पर निरूपण और रोज़मर्रा की मात्राओं के लिए परास-अनुमान — जैसे कक्षा में मेजें 10–50, पुस्तकालय में किताबें 500–1000
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कक्षा 4 गणित मेला का अध्याय 4 किस विषय पर है?
यह अध्याय हज़ार की अवधारणा पर है — भारतीय स्थानीय मान प्रणाली को तीन-अंकीय से चार-अंकीय (9,999 तक) संख्याओं तक विस्तारित किया जाता है। संदर्भ है गुरुद्वारे का लंगर जिसमें 1,000 लोगों को भोजन करवाया जाता है।
02अध्याय में एक हजार (1000) का परिचय कैसे दिया जाता है?
डीन्स ब्लॉक दिखाते हैं कि 10 सैकड़े मिलकर 1 हजार बनाते हैं — ठीक उसी प्रकार जैसे 10 इकाई = 1 दहाई और 10 दहाई = 1 सैकड़ा। जसप्रीत और गुलनाज की दान-तालिका और भोजन-संख्याएँ इसे वास्तविक जीवन से जोड़ती हैं।
03ह–स–द–इ सारणी क्या है?
यह चार स्तम्भों वाली स्थानीय मान सारणी है — हजार (ह), सैकड़ा (स), दहाई (द) और इकाई (इ)। चार-अंकीय संख्या के प्रत्येक अंक को उसके सही स्तम्भ में लिखने से उसका मान स्पष्ट होता है।
04विस्तारित रूप क्या है और इसका एक उदाहरण बताइए?
विस्तारित रूप में संख्या को प्रत्येक अंक के मान के रूप में लिखते हैं। जैसे 3452 = 3000 + 400 + 50 + 2। इसी प्रकार 1001 = 1000 + 0 + 0 + 1।
05तीर-कार्ड (arrow cards) क्या हैं?
ये अलग-अलग कार्ड हैं — हजार (जैसे 3000), सैकड़ा (400), दहाई (50) और इकाई (2) — जिनके तीर एक-दूसरे पर रखने पर मिल जाते हैं और 3452 जैसी संख्या बनती है। इससे प्रत्येक अंक का स्थानीय मान हाथ से समझ आता है।
06चार-अंकीय संख्याओं की तुलना कैसे की जाती है?
< और > चिह्नों का उपयोग होता है। पहले हजार का अंक देखते हैं; समान हो तो सैकड़ा, फिर दहाई, फिर इकाई। उदाहरण: 3102 > 3012 क्योंकि दोनों में हजार का अंक 3 है, परन्तु 3102 में 1 सैकड़ा है और 3012 में 0 सैकड़ा।
07अध्याय में भारतीय संख्या प्रणाली के बारे में क्या बताया गया है?
भारत में इस प्रणाली की खोज लगभग 2,000 वर्ष पूर्व हुई और अब इसका उपयोग संपूर्ण विश्व में होता है। इसमें केवल दस प्रतीकों (0 से 9) से कोई भी बड़ी संख्या लिखी जा सकती है।
08इस अध्याय में कौन-से सांस्कृतिक तथ्य हैं?
गुरुद्वारे का लंगर जिसमें 1,000 लोग भोजन करते हैं और 55 स्वयंसेवक सेवा करते हैं; भारत में 788 जिले; 7,500 किमी से अधिक समुद्र तट; 1,000 से अधिक त्योहार — ये सभी चार-अंकीय संख्याओं के वास्तविक उदाहरण हैं।
09700 और 800 के बीच कितनी संख्याएँ हैं — और 7000 व 8000 के बीच?
700 और 800 के बीच ठीक 99 संख्याएँ हैं। इसी तर्क से 7000 और 8000 के बीच 999 संख्याएँ हैं। अध्याय में यह चुनौती प्रश्न विद्यार्थियों को हजारों के पैमाने पर सोचने को प्रेरित करता है।
10संख्या-रेखा गतिविधि क्या है?
विद्यार्थी चार-अंकीय संख्याओं को संख्या-रेखा पर निरूपित करते हैं और 900, 800, 850 या 760 जैसी संख्याओं में 1,000 बनाने के लिए कितना जोड़ना होगा — यह भी खोजते हैं। इससे जोड़ के तथ्य जो 1,000 का योग देते हैं, अभ्यास होते हैं।
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