सारांश
कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 13, "परिवहन संग्रहालय", अमाला, राही और फ़रज़ान की परिवहन संग्रहालय यात्रा के माध्यम से बहु-अंकीय गुणन और शेषफल सहित भाग सिखाता है — इसमें 10 और 100 से गुणा, 15 तथा 14 के पहाड़े, क्षेत्र-आरेख गुणन और वास्तविक जीवन की वाहन-आधारित शाब्दिक समस्याएँ शामिल हैं।
- 10 और 100 से गुणन — स्थानीय मान की भाषा — किसी संख्या को 10 से गुणा करने पर उत्तर दहाइयों में मिलता है — उदाहरण के लिए 26 × 10 = 26 दहाई = 260। 100 से गुणा करने पर उत्तर सैकड़ों में मिलता है — जैसे 15 × 100 = 15 सैकड़े = 1500। विद्यार्थी 20, 30, 200, 500 जैसे 10 और 100 के गुणजों से भी गुणा करना सीखते हैं। दहाइयों और सैकड़ों की यह भाषा आगे के सभी बड़े गुणन की आधारशिला है।
- विभक्त कर और दुगुना कर पहाड़े बनाना — विद्यार्थी 15 के पहाड़े की रचना 15 को 10 और 5 में विभक्त करके, आंशिक गुणनफल अलग-अलग निकालकर और फिर जोड़कर करते हैं — जैसे 5 × 15 = 5 × 10 + 5 × 5 = 50 + 25 = 75। 14 के पहाड़े की रचना 14 को दो समान 7-7 के समूहों में बाँटकर दुगुना करने की प्रक्रिया से होती है — जैसे 3 × 14 = 3 × 7 का दुगुना = 42। अध्याय विद्यार्थियों से 5 और 15 के पहाड़ों की तुलना कर पैटर्न खोजने तथा 11 से 20 तक सभी पहाड़े बनाने का आग्रह करता है।
- क्षेत्र-आरेख विभाजन से बहु-अंकीय गुणन — बड़े गुणनफलों जैसे 15 × 14 (खिलौना रेलगाड़ी में बच्चे) और 64 × 152 (वंदे भारत मिशन में यात्री) के लिए अध्याय क्षेत्र-आरेख का उपयोग करता है जिसमें प्रत्येक गुणनखंड को दहाइयों और इकाइयों में तोड़कर उप-गुणनफल अलग निकाले जाते हैं और अंत में जोड़े जाते हैं। 15 × 14 = 100 + 40 + 50 + 20 = 210; 64 × 152 = 9,728।
- शेषफल सहित भाग — भाग में शेषफल की अवधारणा व्यावहारिक स्थितियों से समझाई गई है — 324 बच्चों को 14 सीटों वाले डिब्बों में बाँटने पर 2 बच्चे शेष रह जाते हैं; 960 प्रतिभागियों को 64-64 के समूहों में बाँटने पर 15 नौकाएँ बनती हैं और कोई शेष नहीं रहता। विद्यार्थी क्रमिक घटाव से भागफल ज्ञात करते हैं। शेष बची संख्या को 'शेषफल' कहा जाता है।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01अमाला, राही और फ़रज़ान — ये तीन बच्चे परिवहन संग्रहालय में भ्रमण करते हैं जहाँ भारत में उपयोग होने वाले परिवहन के विभिन्न साधन प्रदर्शित हैं, जिनमें पुराने समय के अनेक वाहन भी हैं
- 02रहस्यमय आव्यूह (Mystery Matrix) गतिविधि में पीले बक्सों को 1-अंकीय गुणकों से इस तरह भरना होता है कि पंक्तियों और स्तंभों के गुणनफल क्रमशः नारंगी और नीले बक्सों में दिए गए मानों से मेल खाएँ
- 03राही को 15 डिब्बों वाली खिलौना रेलगाड़ी दिखती है जिसके प्रत्येक डिब्बे में 14 विद्यार्थी बैठ सकते हैं; क्षेत्र-आरेख से 15 × 14 = 210 निकाला जाता है
- 04अमाला वंदे भारत मिशन की जानकारी पढ़ती है — प्रथम सप्ताह में 64 विमानों ने उड़ान भरी, प्रत्येक में 152 यात्री थे; 64 × 152 = 9,728 यात्री
- 05फ़रज़ान केरल की प्रसिद्ध सर्प नौका (स्नेक बोट) देखता है — नौकाएँ 30 से 35 मीटर लंबी होती हैं, 64-128 व्यक्तियों द्वारा चलाई जाती हैं, तकनीक 800 वर्ष पुरानी है; वल्लम काली जुलाई–सितंबर के बीच आयोजित होती है और ओणम के साथ समाप्त होती है
- 06960 प्रतिभागियों को 64 की नौकाओं में बाँटने पर 960 ÷ 64 = 15 नौकाएँ (शेषफल शून्य)
- 07324 ÷ 14 = 23 डिब्बे, शेषफल 2 — शेषफल की अवधारणा यहाँ पहली बार पेश की जाती है
- 0810 और 100 से भाग — एक किसान के चावल-बोरी प्रश्न से: 60 ÷ 10 = 6 बोरियाँ, 600 ÷ 100 = 6 बोरियाँ
- 09पाँच मित्र (भुवन, मुन्ना, बलदेव, चिन्नू, सिद्धार्थ) ₹750 का टिकट अलग-अलग मूल्यवर्ग (₹200, ₹50, ₹20, ₹5 और ₹2) के नोटों और सिक्कों से खरीदते हैं
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कक्षा 4 गणित मेला का अध्याय 13 'परिवहन संग्रहालय' किस बारे में है?
यह अध्याय अमाला, राही और फ़रज़ान की परिवहन संग्रहालय यात्रा के माध्यम से 10 और 100 के गुणजों से गुणा, 15 तथा 14 के पहाड़े (विभाजन और दोगुनाकरण विधि से), क्षेत्र-आरेख द्वारा बहु-अंकीय गुणन और शेषफल सहित भाग सिखाता है।
02अध्याय 13 में कौन-से तीन पात्र हैं?
अमाला, राही और फ़रज़ान — ये तीन बच्चे परिवहन संग्रहालय में भ्रमण करते हैं जहाँ भारत के परिवहन साधनों का ऐतिहासिक संग्रह है।
03रहस्यमय आव्यूह (Mystery Matrix) गतिविधि क्या है?
इस गतिविधि में पीले बक्सों को 1-अंकीय गुण्य और गुणकों से भरना होता है ताकि प्रत्येक पंक्ति का गुणनफल नारंगी बक्से में और प्रत्येक स्तंभ का गुणनफल नीले बक्से में दिए गए मान से मेल खाए — यह गुणन तथ्यों का पहेली रूप में अभ्यास है।
04अध्याय 13 में 10 से गुणा कैसे सिखाया जाता है?
विद्यार्थी सीखते हैं कि किसी संख्या को 10 से गुणा करने पर उत्तर दहाइयों में मिलता है — जैसे 26 × 10 = 26 दहाई = 260। वे 20, 30, 40 जैसे 10 के गुणजों से भी गुणा करते हैं।
0515 के पहाड़े की रचना इस अध्याय में किस विधि से की जाती है?
15 को 10 और 5 में विभक्त करके प्रत्येक भाग का गुणनफल अलग निकाला जाता है और फिर जोड़ा जाता है — उदाहरण के लिए 5 × 15 = 5 × 10 + 5 × 5 = 50 + 25 = 75। अध्याय 5 और 15 के पहाड़ों की तुलना करके पैटर्न भी खोजता है।
06खिलौना रेलगाड़ी की समस्या क्या है?
राही को 15 डिब्बों वाली खिलौना रेलगाड़ी दिखती है जिसमें प्रत्येक डिब्बे में 14 विद्यार्थी बैठ सकते हैं। क्षेत्र-आरेख (15 को 10+5 और 14 को 10+4 में तोड़कर) से 15 × 14 = 210 बच्चे निकाले जाते हैं।
07वंदे भारत मिशन की समस्या अध्याय 13 में कैसे आती है?
अमाला संग्रहालय के वायुयान अनुभाग में पढ़ती है कि वंदे भारत मिशन के प्रथम सप्ताह में 64 विमानों ने उड़ान भरी, प्रत्येक में 152 व्यक्ति थे। क्षेत्र-आरेख से 64 × 152 = 9,728 यात्री निकाले जाते हैं।
08केरल की सर्प नौका के बारे में अध्याय में क्या बताया गया है?
फ़रज़ान केरल की प्रसिद्ध सर्प नौका (स्नेक बोट) देखता है। अध्याय बताता है कि इन नौकाओं को बनाने की तकनीक 800 वर्ष पुरानी है, ये 30 से 35 मीटर तक लंबी होती हैं और 64-128 व्यक्तियों द्वारा चलाई जाती हैं। वल्लम काली (सर्प नौका-दौड़) जुलाई–सितंबर के बीच आयोजित होती है और ओणम पर्व के साथ समाप्त होती है।
09शेषफल क्या है और इस अध्याय में इसे कैसे समझाया गया है?
शेषफल वह संख्या है जो भाग में समान समूह बनाने के बाद बच जाती है। 324 बच्चों को 14 की क्षमता वाले डिब्बों में बाँटने पर 23 डिब्बे भरने के बाद 2 बच्चे शेष रहते हैं — यही शेषफल है।
1010 और 100 से भाग का पैटर्न क्या है?
एक किसान के चावल-बोरी प्रश्न से विद्यार्थी देखते हैं कि 60 ÷ 10 = 6 और 600 ÷ 100 = 6। जब भाज्य एक पूर्ण संख्या हो तो 10 से भाग करने पर एक शून्य और 100 से भाग करने पर दो शून्य हट जाते हैं।
11चिन्नू के सिक्के वाली गतिविधि क्या है?
पाँच मित्र — भुवन (₹200 के नोट), मुन्ना (₹50 के नोट), बलदेव (₹20 के नोट), चिन्नू (₹5 के सिक्के) और सिद्धार्थ (₹2 के सिक्के) — ₹750 का टिकट खरीदते हैं। विद्यार्थी ज्ञात करते हैं कि प्रत्येक को कितने नोट या सिक्के चाहिए और किसे खजांची से खुले पैसे वापस नहीं मिलेंगे।
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