सारांश
कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 9, "समान समूह", गुणज, सार्व गुणज, गुणन सारणी, गुणन और भाग की विभिन्न विधियाँ सिखाता है — जंतुओं की छलाँग, गुलाबो का बगीचा, दोहरीकरण की जादूगरी और जीवन-संदर्भ समस्याओं के माध्यम से।
- जंतुओं की छलाँग और गुणज — मेंढक 3 कदम, गिलहरी 4 कदम, खरगोश 6 कदम और कंगारू 8 कदम की छलाँग लगाते हैं। जिन संख्याओं पर वे पहुँचते हैं, वे उनके गुणज हैं। जब दो जंतु एक ही संख्या पर पहुँचते हैं — जैसे खरगोश और कंगारू दोनों 24 पर — तो वह 6 और 8 का सार्व गुणज होता है। विद्यार्थी यह भी जाँचते हैं कि मेंढक 67 को कभी नहीं छुएगा क्योंकि 67, 3 का गुणज नहीं है।
- गुणन — समान समूह और सारणी — गुलाबो के बगीचे में फूलों की पंखुड़ियाँ गिनकर गुणन को समान समूहों के रूप में समझाया गया है। 10×10 गुणन सारणी को भरकर विद्यार्थी सम/विषम पैटर्न और एकाई अंक की पुनरावृत्ति खोजते हैं। दोहरीकरण को गुणन की एक रणनीति के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
- 10 और 100 के गुणकों से गुणन — त्रिपहिया और कारों के पहिए गिनकर दिखाया गया है कि 20 × 3 = 60 और 100 × 4 = 400। 3 अंकीय गुणनखंड को सैकड़े, दहाई और इकाई में तोड़कर — जैसे 125 × 8 = 800 + 160 + 40 = 1000 — गुणन किया जाता है। पैटर्न सारणी (1 × 3, 10 × 3, 100 × 3) इस नियम को सामान्य रूप देती है।
- भाग — आंशिक भागफल विधि — 108 यात्रियों को 9 नावों में बाँटने जैसी साझा समस्याओं से भाग सिखाया गया है। आंशिक भागफल विधि में बच्चे आसान गुणकों (10 ×, 5 ×, आदि) को बार-बार घटाते हैं। शेषफल वह बचा हुआ भाग होता है जो पूरा समूह नहीं बनाता।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01मेंढक (3), गिलहरी (4), खरगोश (6), कंगारू (8) — इनकी छलाँगें संख्या रेखा पर क्रमशः उन संख्याओं के गुणज दर्शाती हैं।
- 02सार्व गुणज वे संख्याएँ हैं जिन पर दो अलग-अलग जंतु दोनों पहुँचते हैं — जैसे 6 और 8 के सार्व गुणजों में 24 शामिल है।
- 03गुलाबो के बगीचे में 12 कमल के फूलों में 3 पंखुड़ियाँ प्रत्येक — 12 × 3 = 36 पंखुड़ियाँ — गुणन समान समूहों की गिनती है।
- 0410 × 10 गुणन सारणी में विद्यार्थी सम/विषम पैटर्न और एकाई अंक की पुनरावृत्ति खोजते हैं।
- 0510 या 100 के गुणकों से गुणन में एक पैटर्न: 6 × 8 = 48, इसलिए 60 × 8 = 480 और 600 × 8 = 4800।
- 063 अंकीय संख्याओं को एकल अंक से गुणा करने के लिए सैकड़े, दहाई और इकाई में तोड़ा जाता है — 125 × 8 = 800 + 160 + 40 = 1000।
- 07आंशिक भागफल विधि: 10 ×, 5 × के समूह बार-बार घटाएँ; जो बचे वह शेषफल है।
- 08245 विद्यार्थियों को 7 बसों में बाँटना (245 ÷ 7 = 35), 259 व्यक्तियों के लिए राफ्टें (259 ÷ 7 = 37) — वास्तविक जीवन की समस्याएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कक्षा 4 गणित मेला के अध्याय 9 'समान समूह' में क्या-क्या सिखाया गया है?
इस अध्याय में गुणज, सार्व गुणज, समान समूहों द्वारा गुणन, 10 × 10 गुणन सारणी, दोहरीकरण, 10 और 100 के गुणकों से गुणन, तथा आंशिक भागफल विधि से भाग सिखाया गया है।
02जंतुओं की छलाँग गतिविधि गुणज कैसे समझाती है?
प्रत्येक जंतु एक निश्चित संख्या में कदम कूदता है — मेंढक 3, गिलहरी 4, खरगोश 6, कंगारू 8। वे जिन संख्याओं पर पहुँचते हैं, वे उनके गुणज हैं। जैसे मेंढक 3, 6, 9, 12 … को छूता है।
03सार्व गुणज क्या होता है और इस अध्याय में इसे कैसे दिखाया गया है?
सार्व गुणज वह संख्या है जिस पर दो अलग-अलग जंतु दोनों पहुँचते हैं। जैसे खरगोश (6 की छलाँग) और कंगारू (8 की छलाँग) दोनों 24 पर पहुँचते हैं, इसलिए 24, 6 और 8 का सार्व गुणज है।
04क्या मेंढक 67 को छू सकता है?
नहीं। मेंढक केवल 3 के गुणजों — 3, 6, 9, 12, … — को छूता है। 67, 3 से विभाज्य नहीं है (6 + 7 = 13, जो 3 का गुणज नहीं है), इसलिए मेंढक कभी 67 पर नहीं पहुँचेगा।
052 अंकीय संख्या का गुणन इस अध्याय में कैसे सिखाया गया है?
गुणक को 10 और शेष इकाइयों में तोड़ा जाता है। जैसे 18 × 4 = (10 × 4) + (8 × 4) = 40 + 32 = 72। राधा की कपकेक समस्या में यही रणनीति उपयोग की गई है।
06दोहरीकरण की जादूगरी गतिविधि क्या है?
जादूगरी में संख्याओं को दोगुना किया जाता है — जैसे 23 → 46। विद्यार्थी 32, 14, 17, 39 जैसी संख्याओं को दोगुना करते हैं और जाँचते हैं कि किसी भी संख्या को दोगुना करने पर एकाई अंक सदैव सम होता है।
07आंशिक भागफल विधि क्या है?
इस विधि में मानक लंबा भाग नहीं किया जाता। बजाय इसके, आसान गुणक (10 ×, 5 ×, आदि) बार-बार घटाए जाते हैं। जैसे 108 ÷ 9 में 90 (10 बार) घटाएँ, शेष 18 बचता है, फिर 18 (2 बार) घटाएँ — भागफल 12 मिलता है।
08इस अध्याय में कौन-सी वास्तविक जीवन की समस्याएँ दी गई हैं?
245 विद्यार्थियों को 7 बसों में बाँटना (प्रत्येक में 35), 259 व्यक्तियों के लिए 7-व्यक्तिक राफ्टें (37 राफ्टें), दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की साप्ताहिक दूरी (88 × 7 = 616 किलोमीटर), और अनु की मासिक बचत (₹45 × 6 = ₹270)।
09गणित में 'सदैव सत्य', 'सदैव असत्य', 'कभी-कभी सत्य' वाली गतिविधि क्या सिखाती है?
यह गतिविधि तार्किक चिंतन बढ़ाती है। जैसे '10 से गुणा करने पर इकाई में 0 आता है' — सदैव सत्य; 'किसी संख्या को 2 से गुणा करने पर विषम संख्या मिलती है' — सदैव असत्य; '5 से गुणा करने पर इकाई में 5 आता है' — कभी-कभी सत्य (केवल विषम संख्याओं के लिए)।
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